सीटू ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा श्रम क़ानून संशोधन के खिलाफ श्रम सचिव को ज्ञापन भेजा।
देहरादून 11 मई 2020,
सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस( सीटू ) ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा श्रम क़ानूनो में संशोधन के खिलाफ श्रम सचिव को ज्ञापन भेज आपत्ति दी ।
आज सीटू ने श्रम सचिव द्वारा 14मई 2020 को मॉडल स्थाई आदेशो में मालिकों के पक्ष में किये गए संशोधनो के खिलाफ आपत्ति दर्ज की है।
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा की मॉडल स्थाई आदेश के प्रस्ताव -3 (4)व 18 प्रस्तावित संशोधन कर उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत अनुमन्य या औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 अथवा उत्तर प्रदेश वणिज्य अधिष्ठान या फैक्ट्री एक्ट अथवा कान्ट्रैरक्टर लेबर एंड एब्यूलेशन एक्ट 1970 आदि श्रम कानूनों जो की श्रमिको के कल्याण हेतु बनाये गए थे इन्हे वीरत करने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा की उत्तराखंड सरकार इन श्रम कानूनों को समाप्त कर श्रमिकों को गुलामी की और धकेल देना चाहती है। इससे इस सरकार का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आ गया है जिसको किसी भी क़ीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा उन्होंने आरोप लगाया की सरकार कोरोना संक्रमण की आड़ में पूंजीपतियों और मालिक वर्ग को फायदा पहुंचा रही है। इसका विरोध किया जायेगा और सरकार को किसी भी क़ीमत पर श्रम कानूनों में कटौती में रोकने के लिए मजबूर करेंगे।
उन्होंने बताया की इस संदर्भ में 3जुलाई 2020 को होने वाले देशव्यापी संयुक्त ट्रेड यूनियन आंदोलन को सफल बनायेंगे।
