संचार निगम एग्जीक्यूटिव एसोसिएशन (एसएनईएस) के प्रांतीय अधिवेशन में बीएसएनल के वर्तमान हालातों पर चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि सरकार आर्थिक घाटे का हवाला देकर कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने को बाध्य कर रही है। इस दौरान सेवानिवृत्ति लेने वाले 30 अधिकारियों को सम्मानित किया।
सहारनपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित अधिवेशन में मुख्य अतिथि बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक ने कहा कि बीएसएनएल के अधिकारी-कर्मचारियों ने संस्थान को पहचान दिलाने में सालों मेहनत की है। इस समय संस्थान मुश्किल में है। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारी अपने हितों का त्याग भी करने को तैयार हैं। ऑल इंडिया सचिव के सेवेस्टियन ने कहा कि बीएसएनल की प्रारंभ एवं वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
सदस्यों ने सवाल उठाया कि शीर्ष प्रबंधन संस्थान के आर्थिक संकट का हवाला तो दे रहा है, लेकिन जब टेंडर प्रक्रिया में प्रबंधन स्तर पर ही वित्तीय अनियमितताएं होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जाती?
उत्तराखंड परिमंडल अध्यक्ष राजीव चौहान, चंदन सिंह, कमलेश्वर मिश्रा, पीसी उनियाल, सर्वेश चौहान, शादाब अली, जय विक्रम सिंह, एसएस रौथाण ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पीके शर्मा, संदीप सूठा, जेएस रावत, राजीव शर्मा, एनसी शर्मा, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
तिवारी बने अध्यक्ष, धीमान सचिव
अधिवेशन के अंत में एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के चुनाव भी संपन्न हुए। इसमें एलएम तिवारी को प्रांतीय अध्यक्ष व अरविंद धीमान को सचिव चुना गया। पीके शर्मा कोषाध्यक्ष, आरके शर्मा उपाध्यक्ष चुने। कार्यकारिणी के अन्य पदों पर विशाल भाटिया, सुरेश चंद्र, परवीन रोहिला, अरुण कुमार, पीसी बिनवाल, मुकेश नेगी, बीएस नेगी को जिम्मेदारी मिली।

