
पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नागरिकों ने कहा कि लालढांग-चिलरखाल मार्ग क्षेत्र की लाइफ लाइन है। इस सड़क के बनने से कोटद्वार भाबर ही नहीं बल्कि हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में भी विकास के द्वार खुलेंगे। सड़क को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी मिलना ऐतिहासिक कदम है। कहा कि विकास के मामलों में क्षेत्रवासी वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत के साथ खड़े हैं। सड़क निर्माण होने से कोटद्वार और हरिद्वार के बीच आवाजाही सुगम हो जाएगी।
ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष आचार्य बृजेश चतुुर्वेदी और महामंत्री मनोज जखमोला ने लालढांग-चिलरखाल मार्ग को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी मिलने पर क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। कहा कि यह सड़क वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट रही है। बैठक में आचार्य सुभाष चंद्र धस्माना, सोहनलाल धस्माना, सुभाष चंद्र दुतपुड़ी, सुरेश कोठारी, राकेश लखेड़ा, कैप्टन ज्योति प्रसाद खर्कवाल (से.नि.), दिनेश चंद्र जोशी, हर्षवर्धन ध्यानी, रामकुमार अग्रवाल और विपिन चंद्र घनशाला समेत कई लोग मौजूद थे।
