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खाद, बीज एवं कीटनाशक बेचने के लिए अब यह काम करना होगा जरुरी – Kisan Samadhan

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बीज, खाद एवं कीटनाशक दुकान खोलने के लिए योग्यता

अक्सर देखते हैं कि गाँव और कस्बों में कोई भी व्यक्ति बीज, उर्वरक तथा कीटनाशक की दुकान खोल देता है और बेहिचक किसानों को यह सभी सामग्री बेचना शुरू भी कर देता है | दुकानदार के पास किसी भी तरह  की डीग्री है या नहीं इससे किसी को कोई लेना देना नहीं रहता है | बीज, उर्वरक तथा कीटनाशक कंपनियां भी इनको अपना प्रोडक्ट बिना जांचे दे देती है | कभी–कभी तो विना लाईसेंस के दुकान चलती रहती है |

परन्तु अब ऐसा नहीं होगा | कृषि तथा  किसान कल्याण मंत्री ने सांसद श्री कोठा प्रभाकर रेड्डी के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बताया है कि कीटनाशक की बिक्री तथा इसका स्टाक रखने या प्रदर्शित करने के लिए दुकानदार के पास कृषि विभाग से स्नातक की डिग्री होना जरुरी है |

बीज, कीटनाशक एवं खाद बेचने के लिए क्या है नियम ?

केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया है कि जो व्यक्ति कीटनाशक की बिक्री करने, इसका स्टाक रखने या इसकी बिक्री को प्रदर्शित करने या इसका वितरण करने के लिए लाईसेंस प्रदान करने हेतु आवेदन करता है, उसके पास या उसके द्वारा नियुक्ति किये जाने वाले व्यक्ति के पास कृषि विज्ञान या जैव रसायन शास्त्र या जैवप्रौदयोगिक या जीवन विज्ञान या रसायन शास्त्र या वनस्पति शास्त्र या प्राणी विज्ञान के साथ विज्ञान में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविध्यालय या संस्थान से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए

उनके पास, कृषि या बागवानी या संबद्ध विषयों का सरकार से मान्यता–प्राप्त किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से पादप संरक्षण और नाशीजीवनाशी प्रबंधन से संबंधित पाठ्यक्रम की विषय–वस्तु वाला एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स होना चाहिए |

अगर कोई व्यक्ति पहले से दुकान चला रहा है तो क्या होगा ?

कृषि तथा कल्याण मंत्री ने इसके बारे में बताया है कि बशर्ते सभी व्यापारी या विक्रेता जिनके पास , इन नियमों के प्रकाशन की तारीख को निर्धारित योग्यता के बिना वैध लाइसेंस है, जैसे कि कीटनाशी (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2017 द्वारा संशोधन किया गया है , उन्हें उक्त शर्तों का पालन करने के लिए दो वर्ष कि अवधि प्रदान की जायेगी |

अगर किसी के पढने का उम्र पार हो गई हो तो क्या करें ?

इसके बारे में कृषि मंत्री ने बताया है कि एसे नाशीजीवनाशी विक्रेताओं, जो पैतालीस वर्ष की आयु से अधिक के हैं और जो या तो स्वयं अपना व्यापर चला रहे हैं या जिन्हें कीटनाशी (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2017 द्वारा यथा संशोधित अनुसार, इन नियमों के प्रकाशन की तारीख को 10 वर्ष से अधिक की संचयी अवधि का अनुभव प्राप्त है और जिसका वार्षिक टर्नओवर रु. पांच लाख से कम है, उन्हें अपने नाम से व्यापर जारी रखते हुये लाइसेंस– धारित की अवधि के लिए उक्त नियम से छूट प्रदान की गई है |


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By udaen

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