किसान अधिक पैदावार के लिए लगायें सरसों की यह नई विकसित किस्मे
सरसों की नई विकसित किस्में
सरसों रबी की प्रमुख तिलहनी फसल है जिसका भारत की अर्थ व्यवस्था में एक विशेष स्थान है। सरसों की खेती के लिए बहुत लोकप्रिय होती जा रही है क्यों कि इससे कम सिंचाई व लागत में दूसरी फसलों की अपेक्षा अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। इसकी खेती मिश्रित रूप में और बहु फसलीय फसल चक्र में आसानी से की जा सकती है। भारत वर्ष में क्षेत्रफल की दृष्टि से इसकी खेती प्रमुखता से राजस्थान, मध्यप्रदेश, यूपी, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आसाम, झारखंड़, बिहार एवं पंजाब में की जाती है। जबकि उत्पादकता (1721 किलो प्रति हे.) की दृष्टि से हरियाणा प्रथम स्थान पर है।
किसान भाई लगातार अपने सवालों में सरसों की नई एवं उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी मांग रहें हैं इसलिए किसान समाधान आपके लिए पिछले पांच वर्षों में भारत में स्थापित विभिन्न भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् संस्थानों द्वारा विकसित की गई किस्मों की जानकारी लेकर आया है | भारत में सरसों के लिए भाकृअनुप – सरसों अनुसंधान निदेशालय राजस्थान में स्थापित किया गया है जो लगातार किसानों की आय बढ़ाने एवं सरसों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है | आज हम आपको विभीन्न राज्य के अनुकुल सरसों की उपयुक्त किस्मों की जानकारी देंगे |
सरसों (Indian Rapeseed-Mustard Varieties ) की नई विकसित किस्में राज्यवार
मध्यप्रदेश किसानों के लिए उपयुक्त सरसों की नई किस्में
वैभव (RK-1418), वरदान (RK-1467), RGN-73, आशीर्वाद (RK-01-3), वसुंधरा (RH-9304), RH-9801(स्वर्णा), वसुंधरा, माया(RK-9902), जगन्नाथ (VSL-5), NRCHB 101, कोरल 432 (PAC 432) |
राजस्थान किसानों के लिए उपयुक्त सरसों की नई किस्में
अरावली (RN-393), RGN-73, नव गोल्ड (YRN-6), RGM-48, आशीर्वाद (RK-01-3), वसुंधरा (RH-9304), RH-9801 (स्वर्णा), वसुंधरा MAYA (RK-9902), जगन्नाथ(VSL-5), CS-52 (DIAR-343), रजत (PCR-7), पूसा मस्टर्ड-21(LES-1-27), NRCDR-02, CS-56 (CS 234-2), RGN-145, NRCHB 101, NRCHB 506 धारा मस्टर्ड HYBRID-1 (DMH-1), पूसा मस्टर्ड 25 (NPJ-112), DRMR 601 (NRCDR 601) कोरल 432 (PAC 432), पूसा मस्टर्ड 28 (NPJ-124) |
बिहार के किसानों के लिए उपयुक्त सरसों की नई किस्में
रागिनी(MYSL-203), आशीर्वाद(RK-01-3), पूसा अग्रणी(SEJ-2), अग्रनी (SEJ-2), YSH 0401, पीताम्बरी(RYSK-05-02) |
उत्तरप्रदेश के किसानों के लिए उपयुक्त सरसों की नई किस्में
रागिनी (MYSL-203) , वैभव (RK-1418), वरदान (RK-1467), नरेन्द्र राई (NDR-8501), RGN-73 , RGM-48 वसुंधरा(RH-9304) , RH-9801 (स्वर्णा) , वसुंधरा माया (RK-9902), CS-52 (DIAR-343) पूसा मस्टर्ड-21(LES-1-27) , RGN-145, NRCHB 101, NRCHB 506 , कोरल 432 (PAC 432) , पूसा मस्टर्ड-28 (NPJ-124) |
हरियाणा किसानों के लिए उपयुक्त सरसों की नई किस्में
किरण(PBC-9221), अरावली (RN-393), नव गोल्ड (YRN-6) , RGM-48, वसुंधरा (RH-9304), RH-9801 (स्वर्णा) वसुंधरा CS-52 (DIAR-343), पूसा मस्टर्ड-21(LES-1-27), NRCDR-02 , CS-56 (CS 234-2), RGN-145, धारा मस्टर्ड हाइब्रिड-1 (DMH-1) पूसा मस्टर्ड -25 (NPJ-112) , DRMR 601 (NRCDR 601, पीताम्बरी (RYSK-05-02), पूसा मस्टर्ड -28 (NPJ-124) |
किसान दी गई सरसों की किस्मों में से कोई भी किस्म का चयन कर सकते हैं | इनमें बहुत सी किस्में 1 या अधिक राज्यों के अनुकूल हैं किसान भाई इन किस्मों को लेते समय इनकी खेती की पूरी जानकारी POP (package of Practice) लें और उसके अनुसार ही इनकी खेती करें |

