दिव्यांग पेंशन पाने को अब आय, आवासीय और जाति प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। अब सिर्फ वोटर कार्ड, आधार कार्ड, उम्र प्रमाणपत्र, विकलांगता प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और स्वघोषणा पत्र जमा करने से ही काम हो जाएगा। सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है। इसमें स्वघोषणा पत्र को अधिक महत्व दिया गया है।
राज्य सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने बीते 16 सितंबर को संकल्प पारित कर स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के नियमों में बदलाव कर दिया है। सचिव अमिताभ कौशल के दस्तखत से जारी संकल्प में इस सहित तीन प्रमुख बदलाव किए गए हैं।
एसडीएम के बदले स्वीकृति देंगे बीडीओ-सीओ
दिव्यांगता पेंशन के लिए इससे पूर्व आवेदन को स्वीकृति देने का अधिकार अनुमंडल पदाधिकारियों को था। परंतु अब नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत शहरी क्षेत्र का सीओ जबकि ग्रामीण इलाकों के लाभुकों के आवेदन को बीडीओ स्वीकृति प्रदान करेंगे। इससे आवेदन का निस्तारण तेजी से हो सकेगा क्योंकि जिले में अनुमंडल पदाधिकारी कम जबकि बीडीओ-सीओ अधिक होते हैं।
600 की जगह 1000 रुपये पेंशन
स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के तहत इस संकल्प के पूर्व तक राज्य योजना के लाभुकों को 600 रुपये पेंशन मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब एक हजार रुपये कर दिया गया है। इसकी घोषणा तो पहले हो गई थी, परंतु यह लागू अब जाकर हो पाया है। बाकी नियम पूर्ववत रहेंगे
