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गंगटोक, 22 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय गृह मामले मंत्रालय द्वारा सिक्किम के कंचनजंगा समेत अन्य संरक्षित हिमालय पर्वत शृंखलाओं को पर्वतारोहण व ट्रैकिंग के लिए खोलने की अधिसूचना के बाद राज्य में उक्त निर्णय को लेकर विरोध शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मामले मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी करते हुए देश के 137 और हिमालय की शृंखलाओं को पर्वतारोहण के लिए खोला गया हैं। इसमें सिक्किम के 24 हिमालय पर्वत भी शामिल हैं। मंत्रालय ने विश्व के तीसरा सबसे उंचा हिमालय पर्वत कंचनजंगा को भी ट्रैकिंग व पर्वतारोहण के लिए खोला गया है जिसको लेकर राज्य में विरोध शुरू हो गया है।
उल्लेखनीय है कि सिक्किम में कंचनजंगा हिमालय पर्वत को पवित्र माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है। कंचनजंगा पर्वत को सिक्किमवासी अपना अभिभावक देवता के रूप में पूजते हैं । इससे पहले वर्ष 2000 में भी एक बार कंचनजंगा पर पर्वतारोहण के लिए पहल की गयी थी । उस समय भी राज्य में काफी विरोध हुआ था। हालांकि, खराब मौसम के कारण पर्वतारोहण सफल नहीं हुआ था । इसके बाद राज्य सरकार ने कंचनजंगा त​था अन्य आठ हिमालय पर्वतों के पर्वतारोहण पर पाबंदी लगा दी थी । लेकिन, केंद्रीय गृह मामले मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करके सिक्किम के 24 हिमालय पर्वतों को पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए फिर खोल दिया गया है। उक्त 24 हिमालय पर्वतों में कंचनजंगा तथा अन्य आठ हिमालय पर्वत भी शामिल हैं जिसे सिक्किम में पवित्र माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है।
‘आई एम 371एफ कैंपेन’ के संयोजक पासांग शेरपा ने राजधानी गंगटोक में गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्रालय के उक्त निर्णय का पुरजोर विरोध किया है । उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सिक्किम के ऐसे हिमालय पर्वतों को भी पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया  है जिसे ‘स्पेशल प्लेसेस आफ वरशिप एक्ट 1991, के तहत संरक्षण प्राप्त हैं। उन्होंने इसे लोगों के धार्मिक आस्था पर प्रहार बताया है । उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य हिमालय पर्वतों को पर्वतारोहण के लिए खुला करने से पहले हित धारकों से चर्चा करनी चाहिए थी । उन्होंने आगामी 13 सिंतबर से पहले उक्त अधिसूचना वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि 13 सितंबर के दिन राज्य में पांग ल्हाब सोल पर्व मनाया जाता है जो विशेष रूप में कंचनजंगा हिमालय पर्वत की पूजा से संबंधित है। उन्होंने उक्त अधिसूचना को वापस नहीं लेने की मांग केंद्र से की है अन्यथा 14 सितंबर से सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है ।

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By udaen

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