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केरल के अलप्पुझा की सुनीतामोल की वित्तीय आत्मनिर्भरता हासिल करने की यात्रा

PIB Delhi

समय पर वित्तीय सहायता और उद्यमिता के अवसर महिलाओं को आर्थिक चुनौतियों से उबरने और आजीविका के स्वतंत्र साधन विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

लगभग एक दशक की बेरोजगारी के बाद एक सफल बेकरी व्यवसाय स्थापित करने तक की श्रीमती सुनीतामोल पी.एस. की यात्रा, आजीविका सहायता के परिवर्तनकारी प्रभाव का एक बेहतरीन उदाहरण है।

केरल के अलप्पुझा जिले के मरारीकुलम की रहने वाली श्रीमती सुनीतामोल पी.एस. ने 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी। वे लगभग दस वर्षों तक बेरोजगार रहीं और इस दौरान दो बच्चों के पालन-पोषण और घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रही। अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए भी उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और अपने परिवार की खुशहाली में योगदान देने की आकांक्षा बनाए रखी।

श्रीमती सुनीतामोल को वर्ष 2023 में, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) की महिला आजीविका योजना के अंतर्गत केरल राज्य महिला विकास निगम के माध्यम से 2.85 लाख रुपये का ऋण मिला। उन्होंने इस वित्तीय सहायता का उपयोग बेकरी के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया और इसके लिए अपने शहर में एक दुकान किराये पर ली। इस तरह उन्होंने अपने उद्यमी बनने के सपने को साकार कर लिया।

श्रीमती सुनीतामोल ने लगन और कड़ी मेहनत से अपनी बेकरी को सफल व्यवसाय के रुप में स्थापित कर लिया। यह उद्यम धीरे-धीरे उनकी आय का विश्वसनीय स्रोत बन गया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अपना लक्ष्य पूरा करने के साथ ही अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में भी मदद मिली।

आज, ऋण की सभी किस्तों का भुगतान करने के बाद, श्रीमती सुनीतामोल अपनी बेकरी से हर महीने लगभग 20 हजार रुपये कमाती हैं। उनके व्यवसाय ने उनकी वित्तीय आत्मनिर्भरता मजबूत की है और उन्हें अपने परिवार की आजीविका में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाया है। उनकी यह प्रगति दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता के साथ ही ऋण सुविधा मिलने से महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं।

श्रीमती सुनीतामोल का अनुभव महिला उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में लक्षित वित्तीय सहायता की अहम भूमिका रेखांकित करता है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की महिला आजीविका योजना से उन्होंने बेरोजगारी के लंबे दौर को आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की यात्रा में बदल लिया है।


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By udaen

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