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PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) ने आधिकारिक सांख्यिकी की प्रमुख अर्ध-वार्षिक पत्रिका ‘सर्वेक्षण’ का 121वां अंक जारी किया।

‘सर्वेक्षण’ राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) और अन्य आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित शोध के प्रसार का एक अहम मंच है। अपनी अकादमिक गुणवत्ता और नीतिगत महत्व के लिए पहचानी जाने वाली यह पत्रिका सांख्यिकीय शोध को आगे बढ़ाने में योगदान देती है और आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देती है। इसे शोधार्थियों, आंकड़ों का उपयोग करने वालों, मंत्रालयों/विभागों और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच वितरित किया जाता है।

इस 121वें अंक में तीन तकनीकी शोध-पत्र शामिल हैं, जो आधिकारिक आंकड़ों के विविध और महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करते हैं, जैसे कि :-

  1. भारतीय परिवारों के जीवन-स्तर पर वस्तु-रूप में मिलने वाले सामाजिक लाभों का प्रभाव।
  2. कार्यकुशलता में कारखानों के आकार की भूमिका – वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई) 2022–23 के आंकड़ों पर आधारित एक अध्ययन।
  3. वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में ‘पीपीएस सर्कुलर सिस्टमैटिक सैंपलिंग’ को अपनाने का प्रभाव: एक अनुकरण संबंधी अध्ययन।

हर शोध-पत्र की गुणवत्ता, सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने हेतु उसकी कड़ी ‘पीयर-रिव्यू’ और संपादकीय प्रक्रिया की गई है। ये अध्ययन सांख्यिकीय तरीकों, औद्योगिक दक्षता और परिवारों के जीवन स्तर को निर्धारित करने में सामाजिक हस्तांतरण की भूमिका को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं।

इन तकनीकी शोध-पत्रों के अलावा, इस अंक में एनएसएस द्वारा किए गए दो सर्वेक्षणों – गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2025 (जनवरी–दिसंबर 2025) और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 (जनवरी–दिसंबर 2025) – की मुख्य बातें भी शामिल हैं। इन मुख्य बातों को शामिल करने से पाठकों को गैर-निगमित क्षेत्र और श्रम बाजार के रुझानों के बारे में अहम जानकारी मिलती है, जिससे शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं तथा  आधिकारिक आंकड़ों का उपयोग करने वाले अन्य लोगों के लिए इस अंक की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

‘सर्वेक्षण’ के निरंतर प्रकाशन के जरिए, एनएसएसटीए आधिकारिक सांख्यिकी के क्षेत्र में शोध  को बढ़ावा देने, सांख्यिकीय डेटा के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने और साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण के विश्लेषणात्मक आधार को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह पत्रिका सांख्यिकीय ज्ञान साझा करने, कार्यप्रणाली में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने और जानकारी पर आधारित निर्णय लेने में मदद करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।

इस अंक को वेबसाइटों (www.mospi.gov.in) और एनएसएसटीए (www.nssta.gov.in) पर आसानी से देखा जा सकता है।


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By udaen

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