दिव्यांगता पुनर्वास क्षेत्र में विशेषज्ञ पेशेवरों की बढ़ती मांग, PGDEI पाठ्यक्रम के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
नई दिल्ली/सिकंदराबाद। बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत National Institute for the Empowerment of Persons with Intellectual Disabilities (NIEPID) द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन अर्ली इंटरवेंशन (PGDEI) पाठ्यक्रम के संबंध में एक विशेष अभिमुखीकरण (Orientation) कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह संस्थान भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र पेशेवरों को अर्ली इंटरवेंशन (प्रारंभिक हस्तक्षेप) की अवधारणा, पाठ्यक्रम की उपयोगिता तथा दिव्यांगता पुनर्वास क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी प्रदान करना था।
अभिमुखीकरण सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि विकासात्मक जोखिम वाले बच्चों तथा विभिन्न प्रकार की विकासात्मक दिव्यांगताओं से प्रभावित बच्चों के जीवन में प्रारंभिक हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समय रहते उचित पहचान और सहायता से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संज्ञानात्मक विकास के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
कार्यक्रम में ट्रांसडिसिप्लिनरी (बहुविषयक) पेशेवरों की बढ़ती आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया, जो परिवार-केंद्रित और समग्र हस्तक्षेप सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। विशेषज्ञों ने अर्ली इंटरवेंशन के क्षेत्र में उभरते रुझानों, आधुनिक कार्यप्रणालियों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की।
वक्ताओं ने बताया कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, बौद्धिक दिव्यांगता, विकासात्मक विलंब तथा अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल एवं न्यूरोडाइवर्स स्थितियों के मामलों में वृद्धि के कारण प्रशिक्षित अर्ली इंटरवेंशन विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में PGDEI जैसे विशेषीकृत पाठ्यक्रम पेशेवरों को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम की संरचना, प्रशिक्षण पद्धति, व्यावसायिक दक्षताओं तथा रोजगार की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि अर्ली इंटरवेंशन केवल उपचारात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समावेशी विकास को बढ़ावा देने और बच्चों एवं उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम है।
संस्थान ने योग्य पेशेवरों से इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और दिव्यांगता पुनर्वास के बढ़ते क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
