शिमला में खेतों की मिट्टी में तेजी से खतरनाक निमोटोड वायरस फैल रहा है। हवा और पानी के जरिये यह वायरस एक से दूसरे खेत में जा रहा है। वायरस मटर सहित अन्य फसलों को तबाह कर देता है।
वायरस आधुनिक जहरीले कीटनाशक और खाद से फैल रहा है। किसान खेतों में लगातार सब्जी और अन्य फसलें उगा रहे हैं। प्राकृतिक फसलों को बीजना बंद कर दिया है। इस कारण खेतों की मिट्टी का उपजाऊपन खत्म हो रहा है।
जहरीले कीटनाशक मिट्टी में मिलने से पैदावार को नष्ट कर देते हैं। इसी वजह से हिमाचल के कई क्षेत्रों में निमोटोड वायरस फैल रहा है। इस वायरस का तोड़ कृषि विभाग के पास भी नहीं है। कृषि विभाग ने किसानों को गोबर की खाद इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
शिमला के फागू, कोटखाई, और इसके आसपास के इलाकों में यह वायरस तेजी से फैल रहा है। कृषि विभाग के एआईओ डायरेक्टर समीर शर्मा बताया कि मिट्टी में निमोटोड वायरस फैल गया है।
ऐसे फैलता है वायरस
यह वायरस आलू की फसल को भी अपनी चपेट में ले रहा है। निमोटोडस वायरस फैलने का सबसे बड़ा कारण विदेशी और जहरीले कीटनाशक हैं। किसान हर साल एक नया जहरीला कीटनाशक इस्तेमाल करते हैं। इस कारण यह वायरस तेजी से फैल रहा है।
ऐसे खत्म हो सकता है वायरस
किसानों को वायरस से छुटकारा पाने के लिए खेत की मिट्टी की जांच करवानी होगी। अगर मिट्टी में वायरस पाया गया तो उस खेत को करीब एक साल तक खाली छोड़ना पड़ेगा। खेतों में गोमूत्र और मल का छिड़काव करना होगा। इससे वायरस खत्म हो सकता है।
