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भीख मांगने में लिप्त नाबालिग/बच्चे

PIB Delhi

भारत के रजिस्ट्रार जनरल की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भीख मांगने के कार्य में लगे बच्चों (14 वर्ष तक की आयु) की राज्यवार संख्या का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है। ये आंकड़े 2011 की जनगणना पर आधारित हैं।

इस उप–योजना की शुरुआत यानी 23.10.2023 से अब तक भीख मांगने में लिप्त पाए गए कुल 2,653 बच्चों का पुनर्वास किया जा चुका है। इनमें से 1,507 बच्चों को उनके माता-पिता या परिवारों से मिला दिया गया है, 305 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया है, 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति के पास भेजा गया है और 635 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने में सहायता की गई है।

चूंकि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग पहले से ही भीख मांगने के कृत्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए एक समर्पित केंद्रीय क्षेत्र योजना लागू कर रहा है, जिसमें नाबालिगों/बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है, इसलिए फिलहाल किसी नए कानून या योजना को लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं प्रतीत होती है।

अनुलग्नक

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नामकुल (0-14 वर्ष)
जम्मू और कश्मीर990
हिमाचल प्रदेश178
पंजाब1,214
चंडीगढ़11
उत्तराखंड274
हरियाणा1,171
दिल्ली एनसीटी290
राजस्थान7,167
उत्तर प्रदेश10,167
बिहार3,396
सिक्किम1
अरुणाचल प्रदेश24
नगालैंड20
मणिपुर34
मिजोरम6
त्रिपुरा43
मेघालय38
असम686
पश्चिम बंगाल3,216
झारखंड1,254
ओडिशा905
छत्तीसगढ1,065
मध्य प्रदेश2,592
गुजरात1,982
दमन और दीव8
दादरा और नगर हवेली0
महाराष्ट्र3,026
आंध्र प्रदेश3,128
कर्नाटक1,602
गोवा24
लक्षद्वीप1
केरल202
तमिलनाडु572
पुडुचेरी9
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह0
भारत45,296

यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी है।


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By udaen

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