उत्तराखंड : नए सीस्मिक मैप में प्रदेश जोन-6 में
भारतीय मानक ब्यूरो ने नया सीस्मिक मैप जारी किया है जिसके तहत देश के सभी हिमालयी क्षेत्रों को जोन 6 में रखा गया है।
SHABD,Dehradun, December 5,
उत्तराखंड : नए सीस्मिक मैप में प्रदेश जोन-6 में
भारतीय मानक ब्यूरो ने नया सीस्मिक मैप जारी किया है जिसके तहत देश के सभी हिमालयी क्षेत्रों को जोन-6 में रखा गया है। साथ ही इन सभी क्षेत्रों को भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील करार दिया गया है। उत्तराखंड को भी जोन-6 में शामिल किया गया है जबकि पुराने सीस्मिक मैप के अनुसार, उत्तराखंड को जोन-4 और जोन-5 में रखा गया था। नया सीस्मिक मैप जारी होने के बाद अब प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की नीति एक समान होगी। अब पूरे प्रदेश के लिए बिल्डिंग बायलॉज़ एक समान बनानी होगी, जो एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। भविष्य में आने वाले बड़े भूकंप की संभावना को देखते हुए भूकंपरोधी इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य में काफी अधिक पैसा खर्च होगा। इन सभी इंफ्रास्ट्रक्चर में न सिर्फ सड़क और पुल शामिल है बल्कि स्कूल, सरकारी दफ्तर समेत अन्य बिल्डिंग को भी भूकंपरोधी बनाना होगा। जो कम से कम 8 से 9 मैग्निट्यूड के भूकंप को आसानी से झेल सके। फिलहाल, सरकार बिल्डिंग बायलॉज़ में बदलाव करने के साथ ही जनता को भूकंप से बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दे रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के कहा कि बिल्डिंग बायलॉज़ में बदलाव करने के लिए आवास विभाग और रुड़की स्थित सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट मिलकर काम करेंगे। वहीं आवास विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि बड़ी बिल्डिंग की अपेक्षा छोटे बिल्डिंग ज्यादा संवेदनशील होते हैं क्योंकि वो सामान्य मिस्त्री द्वारा बनाए जाते हैं।
बाइट 1 – विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग
बाइट 2 – आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव, आवास विभाग
