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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने आज 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में एमएसएमई, केवीआईसी, कॉयर और एनएसएसएच मंडपों का उद्घाटन किया


सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के 292 स्टॉल; 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विश्वकर्माओं ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रदर्शन किया

PIB Delhi

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) के हॉल संख्या 6 में एमएसएमई, केवीआईसी और कॉयर मंडपों तथा हॉल संख्या 5 में एनएसएसएच मंडप का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में एमएसएमई और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर एमएसएमई मंत्रालय, विकास आयुक्त कार्यालय (एमएसएमई), खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) और कॉयर बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने उद्घाटन के बाद मंडपों के स्टालों का दौरा किया और विभिन्न पारंपरिक विनिर्माण प्रक्रियाओं का लाइव प्रस्तुतिकरण देखा तथा प्रतिभागियों और प्रदर्शकों का उत्साहवर्धन किया।

मंडपों की मुख्य विशेषताएँ

“वाइब्रेंट एमएसएमई, विकसित भारत” विषय पर आधारित एमएसएमई मंडप, समावेशी विकास को गति देने तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन में योगदान देने में एमएसएमई की भूमिका को रेखांकित करता है।

29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के साथ-साथ विश्वकर्माओं को कुल 292 स्टॉल आवंटित किए गए हैं, जो एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रदर्शित करते हैं:

·         67% से अधिक स्टॉल महिला उद्यमियों को आवंटित किए गए हैं

·         34% से अधिक स्टॉल अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को आवंटित किए गए हैं

·         15 स्टॉल दिव्यांग उद्यमियों को आवंटित किए गए हैं

·         43 स्टॉल भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों को प्रदर्शित करते हैं

·         15 स्टॉल ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) वस्तुओं को समर्पित हैं

·         288 (98%) पहली बार भाग लेने वाले प्रतिभागी और सूक्ष्म उद्यमों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदर्शक

·         25% से अधिक स्टॉल विश्वकर्मा को आवंटित किए गए हैं ।

प्रदर्शित किए गए उत्पादों के विभिन्न खंडों में वस्त्र, हथकरघा, हस्तशिल्प, हरित और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद, विश्वकर्मा द्वारा निर्मित उत्पाद, कांच और चीनी मिट्टी की वस्तुएं, चमड़े के सामान, सौंदर्य उत्पाद, धातु शिल्प, खेल और खिलौने, सूखे मेवे, खाद्य उत्पाद, कॉयर उत्पाद और देश भर से कई अन्य अनूठी प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।

कॉयर बोर्ड के मंडप में देश के विभिन्न भागों से 31 प्रदर्शकों ने भाग लिया, जो विभिन्न प्रकार के अद्वितीय हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित खिलौने, आभूषण आदि बनाने में कॉयर श्रमिकों के कौशल और शिल्प कौशल को दर्शाते हैं।

मंडप में प्रदर्शित की गई रेंज में पारंपरिक कॉयर उत्पाद जैसे कि हैंडलूम कॉयर मैट, मैटिंग, रबराइज्ड गद्दे, हस्तशिल्प कॉयर उत्पाद, कालीन, कॉयर पिथ, कॉयर जियो-टेक्सटाइल्स आदि भी शामिल हैं। यह मेला कॉयर क्षेत्र से संबद्ध उद्यमियों को संभावित ग्राहकों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, बी2बी और बी2सी सहयोग को बढ़ावा देने तथा विकास और आत्मनिर्भरता के लिए नई संभावनाओं के सृजन  के अवसर प्रदान करता है।

‘विकसित भारत @ 2047’ थीम पर आधारित खादी इंडिया मंडप में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 150 प्रदर्शक शामिल हैं, जो खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 63 खादी संस्थान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत सहायता प्राप्त 81 इकाइयाँ और पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (स्फूर्ति) के अंतर्गत 6 इकाइयाँ शामिल हैं। खादी इंडिया मंडप में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के 101 प्रतिनिधि और 47 महिला उद्यमी शामिल हैं, जो अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रदर्शन कर रहे हैं।

देश के दक्षिणी राज्यों की रेशमी साड़ियां, पश्चिम बंगाल की मलमल, बिहार के मधुबनी उत्पाद, पंजाब की फुलकारी, आंध्र प्रदेश की कलमकारी, उत्तराखंड के हर्बल और कॉस्मेटिक उत्पाद तथा जम्मू-कश्मीर और लेह के ऊनी उत्पाद सहित उच्च गुणवत्ता वाले खादी कपड़े मंडप में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

हॉल संख्या 5 में स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति हब (एनएसएसएच) मंडप में 35 स्टॉलों पर अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। मंडप में 10 राज्यों, अर्थात् उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, असम, कर्नाटक, पंजाब, झारखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड के प्रदर्शक शामिल हैं। मंडप में जूते, खेल के सामान, हस्तशिल्प, बांस के उत्पाद, खाद्य उत्पाद, मशीन के पुर्जे और चमड़े के सामान बिक्री के लिए प्रदर्शित किए गए हैं।


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By udaen

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