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संसद प्रश्न: पीएम-विशेष योजना

प्रधानमंत्री विशेष (जेरिएट्रिक केयर गिवर्स का प्रशिक्षण) योजना का मुख्य उद्देश्य जेरिएट्रिक केयरगिवर्स के क्षेत्र में बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को पाटना है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को अधिक पेशेवर सेवाएं प्रदान की जा सकें और जेरिएट्रिक के क्षेत्र में पेशेवर देखभाल करने वालों का एक कैडर भी बनाया जा सके। यह योजना जेरिएट्रिक केयरगिवर्स के समर्पित, पेशेवर रूप से प्रशिक्षित जनशक्ति की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करेगी जो मनोरंजन और समग्र कल्याण से संबंधित बुजुर्ग आबादी की विविध और गतिशील जरूरतों को पूरा कर सकें।

वित्त वर्ष 2023-24 में इस योजना के अंतर्गत 32 संस्थानों को सूचीबद्ध किया गयाजिन्होंने 36,785 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित व्यक्तियों का विवरण राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में इस प्रकार है:

क्रम सं.राज्यकुल
1आंध्र प्रदेश150
2बिहार750
3छत्तीसगढ़200
4दिल्ली100
5गुजरात650
6हरियाणा200
7हिमाचल प्रदेश1,575
8जम्मू और कश्मीर2,600
9कर्नाटक1,100
10मध्य प्रदेश12,450
11महाराष्ट्र3,200
12पंजाब850
13राजस्थान2,800
14तमिलनाडु150
15तेलंगाना60
16उत्तर प्रदेश9,750
17उत्तराखंड200
कुल36,785

इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। हालांकि, प्रशिक्षण संस्थानों को प्रशिक्षण लागत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के सामान्य लागत मानदंडों के अनुसार दी जा रही है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को वजीफे का कोई प्रावधान नहीं है।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रशिक्षण संस्थानों को अस्पतालों, नर्सिंग होम या गृह देखभाल सेवा प्रदाताओं के साथ गठजोड़ करना आवश्यक है, ताकि जहां भी लागू हो, कार्यस्थल पर प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की जा सके और जेरिएट्रिक केयर गिवर्स के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

यह जानकारी केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


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By udaen

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