पर्यटन स्थलों के माध्यम से रोजगार सृजन
पर्यटन मंत्रालय अपनी “सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण (सीबीएसपी)” योजना के माध्यम से बिहार सहित देश भर में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से रोजगारोन्मुख अल्पकालिक कौशल कार्यक्रम आयोजित करता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटन सेवा प्रदाताओं के प्रत्येक स्तर पर जनशक्ति को प्रशिक्षित और उन्नत करना है, ताकि देश की विशाल पर्यटन क्षमता का पूरा लाभ उठाया जा सके और स्थानीय लोगों को पेशेवर विशेषज्ञता प्रदान की जा सके।
पर्यटन मंत्रालय ने देश में पर्यटन स्थलों और घरेलू पर्यटन के विकास के लिए निम्नानुसार कई पहल की हैं:
पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन’, ‘राष्ट्रीय तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान मिशन (प्रसाद)’ और ‘पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ योजनाओं के तहत देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन से संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों/केंद्रीय एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्थायी पर्यटन स्थलों को विकसित करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के रूप में नया रूप दिया है और देश में 58 स्थलों की पहचान की है तथा 34 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इसके अतिरिक्त, पर्यटन मंत्रालय ने एसडी 2.0 के तहत एक उप-योजना के रूप में “चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी)” तैयार की है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने के लिए गंतव्य का समग्र विकास करना है।
इसके अलावा, भारत सरकार ने ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) – वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास’ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का व्यापक विकास करना, वैश्विक स्तर पर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग करना है।
“स्वदेश दर्शन 2.0” योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्वीकृत परियोजनाओं और “सीबीडीडी” तथा “एसएएससीआई” के अंतर्गत चिन्हित स्थलों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
