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अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2024 के अवसर पर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए 33 अनुकरणीय व्यक्तियों और संस्थानों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) के सचिव श्री राजेश अग्रवाल भी उपस्थित थे।

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अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ने दिव्यांगजनों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर समाज के लिए प्रेरणा के तौर पर भी काम करते हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों में उद्यमशीलता, कौशल विकास और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की ज़रूरत पर बल दिया।

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पैरालंपिक 2024 में भारत की कामयाबी पर रोशनी डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा, कि भारत ने 2012 में केवल एक पदक हासिल किया था, वहीं इस वर्ष के पेरिस पैरालंपिक में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 पदक जीते। उन्होंने बढ़ती जागरूकता और समर्थन को इस सफलता का श्रेय देते हुए दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर और समावेशी वातावरण बनाने की ज़रुरत पर बल दिया।

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राष्ट्रपति ने सुगम्य भारत अभियान और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट को देश की पहली समावेशी वेबसाइट के रूप में विकसित किया गया है, जो जीआईजीडब्ल्यू 3 मानकों का पालन करती है और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए भी सुलभ है।

इस मौके पर, डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिव्यांगजनों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता का खास उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने, सहायक उपकरणों के वितरण और अन्य उपायों जैसी पहलों का उल्लेख किया, जिनसे दिव्यांगजनों के जीवन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

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पुरस्कार विजेताओं की सराहना करते हुए डॉ. कुमार ने कहा कि इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि देश के दिव्यांगजन, 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अपने उद्घाटन भाषण में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दिव्यांगजनों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए देश भर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों की स्थापना के बारे में भी जानकारी दी।

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श्री अग्रवाल ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित 33 व्यक्तियों और संगठनों में 13 वर्षीय प्रथमेश और जान्हवी जैसे युवाओं से लेकर 75 वर्षीय सरोज आर्य जैसे वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं, जो प्रतिभा और समर्पण के विविध आयामों का प्रदर्शन करते हैं।

समारोह का वीडियो लिंक: https://www.youtube.com/live/Bfgh9xyInU8

इस समारोह ने दिव्यांगजनों के संकल्प, समर्पण और सशक्तिकरण का जश्न मनाते हुए उनके साहस और उपलब्धियों का सम्मान किया। इस कार्यक्रम में दिव्यांगजन छात्रों, पुरस्कार विजेताओं के परिजनों, वरिष्ठ राजनयिकों, उद्योग जगत के भागीदारों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों तथा विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं के उद्धरणों के लिए लिंक


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By udaen

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