मन में समाज के लिये कुछ करने का जज्बा आये तो विवशताये ही प्रेरणा का स्रोत बन जाती हैं।

ऐसा ही आज कुछ देखने को मिला
नगर निगम कोटद्वार के शिब्बूनगर में स्थित अमर शहीद स्मृति विकलांग एवं नेत्रहीन संस्थान में udaen. info के हेड दिनेश गुसाई के साथ जाकर और इस संस्थान के अध्यक्ष श्री भूपाल सिंह रावत (नेत्रहीन) जी से मिलकर।
अमर शहीद स्मृति विकलांग एवं नेत्रहीन संस्थान के अध्यक्ष श्री भूपाल सिंह रावत जी से न्यूज़ हेड दिनेश गुसाई जी ने बात की और संस्थान और इस संस्था के अध्यक्ष जी बारे में जाना।

इस संस्था के अध्यक्ष श्री भूपाल सिंह रावत जी लगभग 74 वर्ष के हैं उन्होंने बताया कि में भारतीय सेना से अवकाश प्राप्त हूँ।रिटायरमेंट के बाद एक हादसे में उन्होंने अपनी दोनों आँखे खो दी थी इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय दृष्टि बाधित संस्थान देहरादून मे प्रशिक्षण लिया इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन को ही बदल दिया ओर उन्होने दिव्यांग जनो के लिए कुछ करने की ठान ली फिर उन्होंने सन 2003 में इस संस्था की स्थापना की ।
फिर उन्होंने कई वर्षों से वीरान पड़े मिलन केंद्र के भवन को सरकार से संस्था को हस्तांतरित करवा कर उसमें दिव्यांग जनो के लिये कई प्रकार के कार्यक्रम चलाये।
श्री रावत जी ने बताया कि वर्तमान समय मे संस्थान में 331अस्थि दिव्यांग,82 दृस्टि बाधित,56 मानसिक दिव्यांग,44 मूकबधिर कुल मिलाकर 513 दिव्यांग पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान दिव्यांग जनो के आजीविका के लिए की रोजगार परक कार्यक्रम चलाती है इनमें प्रमुख रूप से पत्तल बनाना, धूप ,अगरबत्ती, कम्प्यूटर प्रशिक्षण आदि मुख़्य हैं।
दिव्यांग जनो के उपकरण ,आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र , आदि बनाने में संस्था पूर्ण सहयोग करती है।
अमर शहीद स्मृति विकलांग एवं नेत्रहीन संस्थान के अध्यक्ष श्री भूपाल सिंह रावत जी ने बताया कि भविष्य में संस्था दिव्यांग जनो के पुनर्वास के साथ-साथ रोजगार के लिये प्रयास रत है।
यदि सरकार और गेर सरकारी तौर पर इस संस्थान की मदद मिले तो दिव्यांग जनो के जीवन को और बेहतर बनाया जा सकता है।
