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दीपावली पर उल्लू का शिकार रोकने के लिए कॉर्बेट रिजर्व ने कैंसल की स्टाफ की छुट्टी

दीपावली के दौरान उल्लुओं का शिकार बहुत अधिक बढ़ जाता है। विभिन्न रिवाजों के लिए तांत्रिक इन्हें अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) ने सुरक्षा की दृष्टि से पूरे रिजर्व में पेट्रोलिंग बढ
भी बड़ा दी गई है।

उत्तराखंड वन विभाग की तरफ से उल्लू प्रजाति की सुरक्षा को लेकर जारी किए गए रेड अलर्ट के मद्देनजर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) ने सभी फील्ड स्टाफ की छुट्टियां कैंसल कर दी हैं। दीपावली के दौरान तांत्रिकों के अवैध तरीके से उल्लू के शिकार का खतरा है।

टाइगर रिजर्व की तरफ से 15 नवंबर तक सभी फील्ड स्टाफ की छुट्टियां कैंसल कर दी गई हैं। साथ ही रिजर्व की पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है, विशेष तौर पर रात के समय में। हिंदू मान्यताओं के अनुसार उल्लू, सुख-समृद्धि की देवी लक्ष्मी का वाहन है। और कुछ तांत्रिक प्रक्रियाओं में लक्ष्मी माता को खुश करने के लिए उल्लू की बलि दी जाती है।

CTR के निदेशक राहुल ने जानकारी देते हुए बताया, ‘दीपावली के दौरान उल्लुओं का शिकार बहुत अधिक बढ़ जाता है। विभिन्न रिवाजों के लिए तांत्रिक इन्हें अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए हमने सुरक्षा की दृष्टि से पूरे रिजर्व में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।’


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By udaen

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