पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के अनुदान के 143.50 करोड़ रुपये शुक्रवार को जारी कर दिए गए हैं। यह धनराशि 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों और 13 जिला पंचायतों को ई-ट्रांजेक्शन के जरिए दी गई है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्राम पंचायतों को धनराशि जारी की। यह 15वें वित्त आयोग का टाइड फंड है। इसका मतलब यह है कि पंचायतें इस पैसे का उपयोग उसी काम के लिए कर सकती हैं जिस काम के लिए यह जारी हुआ। इससे पहले 22 जून को पंचायतों को 143.50 करोड़ रुपये अनटाइड फंड का जारी किया गया था। सीएम ने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और पंचायतों को भी पूरा धन मिलेगा।
ऑनलाइन ले सकते हैं ग्राम पंचायत को जारी धन की जानकारी
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल शुरू होने से अब पंचायतों को दिए गए धन और उसके उपयोग की जानकारी कहीं से भी ऑनलाइन ली जा सकती है। पंचायत निदेशालय ने पौड़ी जिले की जयहरीखाल ब्लाक की एक ग्राम पंचायत में यह करके भी दिखाया। पंचायतीराज निदेशक एचसी सेमवाल ने बताया कि यह धन सभी पंचायतों तक पहुंच रहा है। पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिये यह धन दिया जा रहा है।
6673 ग्राम पंचायतों पोर्टल पर काम करना शुरू किया
पंचायतीराज निदेशक एचसी सेमवाल ने बताया कि प्रदेश में इस समय 7791 ग्राम पंचायत हैं। इनमें से 6673 ग्राम पंचायतों ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर काम करना शुरू कर दिया है। 3554 ग्राम पंचायत ऑनलाइन पेमेंट करना शुरू भी कर चुकी हैं। इस पोर्टल के जरिये पंचायतें केंद्र और राज्य के वित्त आयोगों से प्राप्त धन को हासिल कर सकती हैं।
