कोटद्वार। 18 साल में भी जब लोनिवि लैंसडौन ने सड़क नहीं बनाई तो ग्रामीणों ने श्रमदान कर खुद ही घांघली-संदणा-मठाली मोटर मार्ग बनाने की ठान ली। लॉकडाउन में गांव पहुंचे प्रवासियों की पहल पर ग्रामीणों ने एक किमी सड़क का निर्माण कर विभाग और सरकार को आइना दिखाया है।
शासन ने वर्ष 2002 में 12 किमी घांघली-संदणा-मठाली मोटर मार्ग के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। लोनिवि लैंसडौन को कार्यदायी संस्था बनाया गया। इस मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 2002 में घांघली गांव की ओर से आरंभ किया गया। स्थिति यह है कि 18 वर्षों बाद भी रोड कटिंग का काम पूरा नहीं हो पाया। विभाग विभिन्न चरणों में सात किमी रोड कटिंग कर चलता बना। रोड कटिंग मठाली गांव से एक किमी आगे राजकीय इंटर कॉलेज मठाली (खैणी) तक किया जाना है। जब रोड मठाली तक नहीं पहुंची तो लॉकडाउन के दौरान गांव पहुंचे प्रवासियों की मदद से ग्रामीणों ने खुद ही सड़क कटान का कार्य शुरू कर दिया। युवक मंगल दल के नेतृत्व में सभी ने श्रमदान करके खुदाई का कार्य किया और जहां खुदाई संभव नहीं थी वहां किराए पर जेसीबी लगाकर मशीन से रोड कटिंग की गई। करीब एक माह की जी तोड़ मेहनत आखिरकार रंग लाई और ग्रामीणों ने एक किमी रोड कटिंग कर अपने गांव मठाली तक सड़क पहुंचा दी। जनसेवा मंच लैंसडौन के मनोज दास ने ग्रामीणों के प्रयास की सराहना करते मुख्यमंत्री से रोड कटिंग के टेंडर निरस्त कर इसका पैसा प्रवासियों और ग्रामीणों को बतौर मेहनताना देने की मांग उठाई है।
