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-राहुल ने कहा, मजदूरों के प्रति ऐसे व्यवहार के लिए शर्म आनी चाहिए
-दिग्विजय ने पूछा, आखिर प्रवासी मजदूरों के हित की योजना का क्या हुआ?
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए रेल हादसे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने तंज सकते हुए कहा कि बिना सोचे समझे लॉकडाउन लगाने वाली सरकार के पास अब लोगों को उनके घर पहुंचाने को लेकर भी कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माणकर्तो के साथ इस प्रकार के व्यवहार पर हमें शर्म आनी चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘मालगाड़ी से कुचले जाने से मजदूर भाई-बहनों के मारे जाने की ख़बर से स्तब्ध हूं। हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किये जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’
पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी ट्वीट कर लिखा, ‘लॉकडाउन-1 बिना सोचे समझे लिया गया फैसला। फिर लॉकडाउन-2 अनियोजित, अब लॉकडाउन-3 में भी कोई योजना नहीं है। यहां तक कि लोगों को लॉकडाउन से निकासी के लिए भी सरकार के पास उपाय शून्य है। आखिर शासन कहां है? क्या नेतृत्व भी लॉकडाउन में है?’
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी हादसे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रवासी मज़दूरों को मालगाड़ी ने महाराष्ट्र में कुचल दिया। मध्यप्रदेश सरकार की “भारी भरकम प्रवासी मज़दूरों के हित की योजना” का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार ने क्या इन प्रवासी मज़दूरों का पंजीयन किया था? यदि किया था तो उन्हें वापस लाने का क्या इंतज़ाम किया गया? शिवराज सिंह को जवाब देना चाहिए।
अधीररंजन चौधरी ने भी औरंगाबाद हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में गई जानों से बेहद पीड़ित हूं। उन्होंन कहा कि थके हुए प्रवासी अनियोजित लॉकडाउन के शिकार होते हैं। हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि रेलगाड़ियों को चलाते समय सभी ट्रेन पायलटों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की चेतावनी दी जानी चाहिए।
source : Hindustan samachar

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By udaen

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