Month: December 2024

तेलंगाना के मेडक में ICAR-कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित प्राकृतिक एवं जैविक कृषक सम्मेलन-2024 में उपराष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य अंश

उप राष्ट्रपति सचिवालय प्रविष्टि तिथि: 25 DEC 2024 6:58PM by PIB Delhi सभी को मेरा नमस्कार और किसान भाइयों को…

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जमीनी सुशासन को सशक्त बनाने के लिए ‘विकसित पंचायत कर्मयोगी’ पहल की शुरुआत की

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक एवं सार्थक परिवर्तन के लिए जमीनी स्तर पर शासन सुधार…

मलेरिया उन्मूलन में भारत की प्रगति पर अपडेट

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय भारत सार्वजनिक स्वास्थ्य में वैश्विक मानक स्थापित करते हुए मलेरिया मुक्त राष्ट्र की ओर कदम…

रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने सुशासन दिवस पर राष्ट्रपर्व वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया

रक्षा मंत्रालय प्रविष्टि तिथि: 25 DEC 2024 2:08PM by PIB Delhi रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री…

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में 10,000 नवगठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (M-PACS), डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया

सहकारिता मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को चरितार्थ करने के लिए PACS की…

वैश्विक उद्यमिता का भविष्य का केंद्र , स्टार्टअप राष्ट्र: भारत

भारत वैश्विक स्तर पर सबसे वाइब्रन्ट स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के रूप में उभरा है। इसने तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप हब के रूप में अपनी जगह बनाई है। 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ, भारतीय स्टार्टअप परिदृश्य नवाचार और उद्यमिता के भविष्य को आकार दे रहा है। भारत में 73,000 से अधिक स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। इन्हे स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत मान्यता दी गई है। यह सरकार द्वारा समर्थित 1,57,066 स्टार्टअप में से लगभग आधे का प्रतिनिधित्व करता है। यह नवाचार और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। भारत में उद्यमशीलता की भावना पिछले दशक में एक आदर्श बदलाव से गुज़री है। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहर नवाचार के केंद्र बन गए हैं। किफायती इंटरनेट की व्यापक उपलब्धता, साथ ही युवा और गतिशील कार्यबल ने फिनटेक, एडटेक, हेल्थ-टेक और ई-कॉमर्स सहित विविध क्षेत्रों में स्टार्टअप के विकास को बढ़ावा दिया है। स्टार्टअप इंडिया द्वारा “भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट” के अनुसार, भारत के स्टार्टअप ने स्थानीय और वैश्विक समस्याओं को हल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्लॉकचेन और आईओटी जैसी उभरती हुई तकनीकों का लाभ उठाया है। इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर और मजबूत मेंटरिंग नेटवर्क द्वारा समर्थित नवाचार की इस संस्कृति ने एक अनूठे इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया है। यह अत्याधुनिक समाधानों के साथ जमीनी चुनौतियों को दूर करता है। भारत सरकार ने स्टार्टअप की परिवर्तनकारी क्षमता को पहचानते हुए उद्यमिता का समर्थन और पोषण करने के लिए कई पहल की हैं। 2016 में शुरू किया गया प्रमुख स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम इस प्रयास में आधारशिला रहा है। 25 दिसंबर 2024 तक उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने 1,57,066 स्टार्टअप को मान्यता दी गई है और पोर्टल पर 7,59,303 उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं: इसके अलावा, अटल इनोवेशन मिशन और नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशन जैसी पहल इनोवेटर्स को बुनियादी ढाँचा और वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। इसके अलावा 2021 में लॉन्च की गई उत्पाद नवाचार, विकास और वृद्धि योजना के लिए एमईआईटीवाई के स्टार्टअप एक्सेलेरेटर का लक्ष्य चार वर्षों में ₹99 करोड़ के परिव्यय के साथ 300 सॉफ्टवेयर उत्पाद स्टार्टअप का समर्थन करना है, जो एक्सेलेरेटर के माध्यम से प्रति स्टार्टअप ₹40 लाख तक का वित्त पोषण प्रदान करता है ताकि वे अपने व्यवसायों को बढ़ा सकें। स्टार्टअप भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बन गए हैं। भारतीय स्टार्टअप ने: भारत के स्टार्टअप न केवल स्थानीय समस्याओं का समाधान कर रहे हैं; वे वैश्विक स्तर पर धूम मचा रहे हैं। बायजूस, ज़ोमैटो, ओला और नायका जैसी कंपनियों ने दुनिया भर में अपने परिचालन का विस्तार किया है। इससे वैश्विक मंच पर भारत की क्षमता का पता चलता है। सिलिकॉन वैली में भारतीय मूल के स्टार्टअप की सफलता देश के वैश्विक प्रभाव को और उजागर करती है। स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल गाइड के अनुसार भारतीय स्टार्टअप वैश्विक निगमों के साथ तेजी से साझेदारी कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं। यूपीआई और आधार-सक्षम सेवाओं जैसे किफायती प्रौद्योगिकी समाधानों में भारत का नेतृत्व वैश्विक स्तर पर इसी तरह के नवाचारों को प्रेरित कर रहा है। इसके अतिरिक्त भारत के यूनिकॉर्न वैल्यूएशन ग्रोथ में वैश्विक साथियों से आगे निकल रहे हैं। यह साबित करता है कि इकोसिस्टम की नींव मजबूत और स्केलेबल है। दुनिया का अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने की दिशा में भारत की यात्रा जनसांख्यिकीय, आर्थिक और नीतिगत कारकों के संयोजन से प्रेरित है। युवा, शिक्षित आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और डिजिटल तकनीकों की बढ़ती पहुंच के साथ, देश तेजी से विकास के लिए तैयार है। सरकार समर्थित नीतियों, निवेशक-अनुकूल वातावरण और नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने से भारत स्टार्टअप में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित हुआ है। इसके अलावा, शिक्षाविदों, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग एक स्थायी और समावेशी इकोसिस्टम सुनिश्चित करता है। भारत वैश्विक स्तर पर अपने समाधानों का नवाचार और निर्यात करना जारी रखते हुए , वैश्विक स्टार्टअप समुदाय के लिए बेंचमार्क स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संदर्भ पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें ******

उत्तराखंड ने कोटद्वार में नई वाइन टूरिज्म पहल की शुरुआत की, जिसमें शानदार गेस्टहाउस और 1,000 तैयार वाइन केस एक साहसिक नीति के तहत शामिल हैं

उत्तराखंड ने कोटद्वार में अपनी पहली वाइन इकाई शुरू की, जिसमें सुंदर गेस्टहाउस के साथ वाइन पर्यटन को बढ़ावा दिया…

नगर निकाय चुनाव में अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता पूर्वक करें: जिला निर्वाचन अधिकारी

विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ रिटर्निंग अधिकारी व सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण 27 दिसंबर, 2024 को होगी नामांकन…

कालागढ़ में सिंचाई विभाग के रिक्त 71 आवास सहित 15 अन्य अवैध रिक्त आवासों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पन्न

कार्यालय जिला सूचना अधिकारीपौड़ी गढ़वाल सूचना/पौड़ी/24 फरवरी 2024:- राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा दिए गए निर्णय के क्रम में…

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

बैठक में अखिल भारतीय स्तर पर CCTNS 2.0, NAFIS, जेलों, अदालतों, अभियोजन और फॉरेंसिक के ICJS 2.0 के साथ एकीकृत…

ग्रामीण विकास के लिए 15वें वित्‍त आयोग ने उत्तर प्रदेश को 1598.80 करोड़ रूपये और आंध्र प्रदेश को 446.49 करोड़ रूपये का अनुदान दिया

ग्रामीण विकास के लिए 15वें वित्‍त आयोग ने उत्तर प्रदेश को 1598.80 करोड़ रूपये और आंध्र प्रदेश को 446.49 करोड़…