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उत्तराखंड की बेटी के हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी दिलाने के लिए एक जुट हुआ उत्तराखंडी समाज

 

निर्भया के दोषियों को जल्द ही फांसी मिलने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फांसी देने की तारीख 16 दिसंबर हो सकती है। इसी दिन उसके (निर्भया) साथ दरिंदगी की गई थी। इसी के साथ अब नजफगढ़ में रहने वाली उत्तराखंड की बेटी के दोषियों को भी जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठने लगी है। उत्तराखंड के लोग और तमाम समाजिक संगठन उत्तराखंड की बेटी के दोषियों को फांसी देने की मांग को लेकर एक जुट हो रहे है।

आपको बता दें कि नजफगड़ में रहने वाली उत्तराखंड की यह बेटी जब 9 फरवरी 2012 यानि दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया काण्ड से 10 माह पूर्व उत्तराखंड की एक गरीब परिवार की लड़की से तीन दरिंदों ने तब बलात्कार किया था। जब वह अपनी तीन सहेलियों के साथ गुडगाँव स्थित कम्पनी से काम करके रात 8:30 बजे के करीब नजफगढ़ स्थित छाँवला कला कालोनी पहुंची। तब यह दरिन्दे जो एक कार में सवार थे। इन्होंने इन बच्चियों से बदतमीजी करनी शुरू की और तीनों लडकियां भागने लगी लेकिन उसी दौरान यह दरिंदें उत्तराखंड की इस बेटी का अपहरण कर  ले गए और सामूहिक बलात्कार के बाद इस बेटी के आँख कान में तेज़ाब डाला, पेचकश से आँखें निकाल दी। इस दौरान उसकी सहेलियों ने यह खबर पुलिस व उसके घरवालों को दी लेकिन पुलिस के कानों में जूं तक न रेंगी। जनाक्रोश बढ़ता देख आखिर 14 फरवरी को इस बेटी की सड़ी गली लाश पुलिस बरामद करती है और जैसे तैसे केस दर्ज कर देती है।

यह खबर जब दिल्ली-एनसीआर में आग की तरह फैली तो,उत्तराखंड समाज के लोगों और तमाम संगठन और उत्तराखंड के लोगो अपनी इस बेटी को न्याय दिलाने के लिए एक जुट हुए। इसी का नतीजा रहा कि इस मामले पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और कई दिनों तक अपनी बेटी के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सड़क से लेकर  संसद तक मांग उठाने के बाद आखिर कार इन तीन दरिंदों को पकड़ा गया और द्वारका कोर्ट एवं दिल्ली हाई कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। अब 12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट इन आरोपियों की सजा पर अंतिम सुनवाई देने जा रहा है।

उत्तराखंड के तमाम सामाजिक संगठनों एवं लोगों का कहना हैं कि हमारी बेटी के हत्यारों को सुप्रीम कोर्ट से भी फांसी की सजा मिलेगी। इसी के बाद हमारी बेटी को न्याय मिलेगा।
इसके लिए 11 दिसंबर शाम 4 बजे उत्तराखंड के तमाम सामाजिक संगठनों ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट से इंडिया गेट तक कैंण्डल मार्च निकाल रहे है। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य माननीय सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाना है कि इस बिटिया को शीघ्रातिशीघ्र न्याय दें व इन दरिंदो की दया याचिका से प्रभावित न हों। इसके अलावा इस मार्च का प्रमुख उद्देश्य समाज को जागरूक व संवेनशील बनाने का प्रयास भी है। जिसके लिए उत्तराखंड सभी सामाजिक संगठनों ने दिल्ली-एनसीआर में रह रहे उत्तराखंडी लोगों और संगठनों से अपील की हैं वह अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए इस कैंडल मार्च में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंच कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाने के लिए आवाज़ उठाए।


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By udaen

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