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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में अफसरों को तबादला एक्ट से छूट दिए जाने की तैयारी है। तबादलों के लिए उनकी दुर्गम और सुगम की सेवाएं भी नहीं देखी जाएंगी। जरूरत के हिसाब से वर्षभर उन्हें इधर से उधर किया जा सकेगा।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग में अधिकारियों की कमी को देखते यह निर्णय लिया गया है। शासन की ओर से शिक्षा निदेशालय से इसका प्रस्ताव मांगे जाने के बाद निदेशालय शासन को इसका प्रस्ताव भेज चुका है।

प्रदेश में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों में पारदर्शिता के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम 2017 बनाया गया था। पांच जनवरी 2018 को इसकी अधिसूचना जारी की गई। एक्ट में यह व्यवस्था की गई है कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों के संपूर्ण सेवाकाल को देखकर ही उनके  सुगम से दुर्गम और दुर्गम क्षेत्र से सुगम में तबादले किए जाएंगे।

तबादलों के लिए समय सारणी जारी कर एक निश्चित अवधि में यह तबादले होेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि विभाग में अधिकारियों की कमी बनी है। यदि सुगम और दुर्गम क्षेत्रों की सेवाओं के आधार पर अधिकारियों के तबादले किए जाएं तो बहुत कम अधिकारी तबादलों के दायरे में आ रहे हैं।

इससे जरूरत के हिसाब से अधिकारियों की विभिन्न जनपदों में तैनाती नहीं हो पा रही है। जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। यही वजह है कि आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर उन्हें भी एक्ट के दायरे से बाहर रखा जाए। शासन के सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव विधानसभा से मंजूरी के बाद ही अमल में आ सकेेगा।

तबादला एक्ट में यह है व्यवस्था

तबादला एक्ट को अखिल भारतीय सेवा, राज्य सिविल सेवा, राज्य पुलिस सेवा एवं उच्च न्यायालय के नियंत्रणाधीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी राज्याधीन सेवाओं के लिए लागू किया गया था। कहा गया था कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी कर निगम, परिषद एवं स्थानीय निकायों पर भी इसे लागू कर सकती है, लेकिन अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी तबादला एक्ट से छूट दिए जाने की तैयारी है।

अफसरों को एक्ट से छूट की यह भी हो सकती है वजह 
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने देहरादून की मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली का देहरादून से किसी अन्य जनपद में तबादला किया था, लेकिन वह तबादला एक्ट के अनुसार दस फीसदी तबादलों के दायरे में नहीं आ रही थी। यही वजह रही कि मामले में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उनका तबादला रोक दिया गया था।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तबादला एक्ट से छूट के लिए शासन ने प्रस्ताव मांगा था, निदेशालय की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। विभाग में अधिकारियों की कमी को देखते हुए इस तरह का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें तबादलों के लिए अधिकारियों की सुगम और दुर्गम की सेवाओं को नहीं देखा जाएगा।
-आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा 

जनपदों में अधिकारियों की कमी को दूर किया जा सके, इसके लिए कुछ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 25 नवंबर से पहले इस मसले पर उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी है।
-अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री 

हमने आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की तरह शिक्षा विभाग में क्लास वन और टू के अधिकारियों को अनिवार्य तबादलों से छूट के लिए कार्मिक विभाग को लिखा है। तबादला एक्ट में संशोधन के बाद ही यह संभव हो पाएगा। अभी मामला सुझाव के तौर पर है। जिसे कार्मिक विभाग को भेजा गया है। अब कार्मिक विभाग के स्तर से इस पर कार्यवाही होनी है। यह विधान सभा में आएगा इसके बाद ही एक्ट में संशोधन हो पाएगा।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, शिक्षा सचिव 


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By udaen

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