प्रदेश में यातायात के नियमों को तोड़ना बुधवार से जेब पर भारी पड़ेगा। परिवहन विभाग ने कंपाउंडिंग (प्रशमन) की नई दरों को लागू कर दिया है। सचिव परिवहन शैलेश बगौली ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कंपाउंडिंग की नई दरों को मंजूरी दे दी गई थी, उन्हें जस का तस लागू किया गया है। मोटरयान अधिनियम की 35 धाराओं के तहत जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी की गई है। सचिव शैलेश बगोली के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने के साथ ही संशोधित दरें प्रभावी हो गई हैं।
परिवहन विभाग के परिवहन कर अधिकारी ग्रेड एक और उनसे ऊपर श्रेणी के सभी अधिकारी इन सभी धाराओं के तहत दंडनीय अपराधों में निर्धारित दरों के अनुरूप कंपाउंडिंग शुल्क वसूलेंगे। पुलिस विभाग के अधिकारी भी अगस्त 2106 को जारी अधिसूचना के तहत कंपाउंडिंग की कार्रवाई कर सकेंगे।
प्रदूषण जांच के अपराध में नई दर एक नवंबर से लागू
ध्वनि और वायु प्रदूषण के अपराध में पकड़े जाने पर नई दर से कंपाउंडिंग शुल्क एक नवंबर से वसूला जाएगा। इस अपराध में सरकार ने पहली बार पकड़े जाने पर 2500 रुपये और दूसरी या बार-बार अपराध करने पर 5000 रुपये का कंपाउंड शुल्क निर्धारित किया है।
चाइल्ड सेफ्टी बेल्ट के अपराध में भी कुछ राहत
छोटे बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से सेफ्टी बेल्ट के प्रावधान के तहत निर्धारित कंपाउंडिंग की नई दर भी एक नवंबर से ही लागू होगी। इसके तहत एक हजार रुपये कंपाउंड शुल्क वसूलने का प्रावधान है। एक नवंबर तक इस अपराध में कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
बगैर इंश्योरेंस 1000 से 4000 तक का जुर्माना
किसी वाहन का बीमा (इंश्योरेंस) नहीं पाया गया तो उस पर 1000 रुपये से 4000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। जारी अधिसूचना में इस अपराध में पकड़े जाने वाले दुपहिया व तिपहिया वाहन पर पहली बार में 1000 रुपये, उसके बाद फिर पकड़े जाने पर 2000 रुपये कंपाउंड शुल्क तय किया गया है, जबकि कारों व अन्य वाहनों से इस तरह के अपराध में पहली बार में 2000 रुपये और दूसरी व बार-बार पकड़े जाने पर 4000 रुपये की वसूली होगी।