प्रदेश सरकार अपना खजाना बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाने पर विचार कर रही है। इसमें रजिस्ट्री पर महिलाओं को स्टांप शुल्क में दी जा रही 10 प्रतिशत की छूट समाप्त करने व प्राइवेट वाहनों से लाई जा रही सवारियों पर न्यूनतम शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।
सूत्रों ने बताया हाल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने तय राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने व अतिरिक्त राजस्व जुटाने के स्रोत पर चर्चा के लिए शासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ लंबा विचार विमर्श किया। इसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव आए।
यहां पता चला कि पिछले वर्ष की तुलना में चार लाख रजिस्ट्री कम हुई है। इसके अलावा निवेशकों को स्टांप शुल्क में दी जाने वाली छूट से राजस्व आय पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।
तय हुआ कि दूसरे विभागों की नीतियों के अंतर्गत स्टांप शुल्क में छूट से जुड़े सभी मामलों का नए सिरे से परीक्षण किया जाए और अन्य राज्यों में स्टांप शुल्क की दरों का अध्ययन कर रिपोर्ट दी जाए। इसके अलावा महिलाओं के नाम सम्पत्ति कि रजिस्ट्री करने पर स्टांप शुल्क में 10 प्रतिशत की दी जा रही छूट को समाप्त करने पर विचार करने को कहा गया।
परिवहन विभाग ने आय बढ़ाने के लिए 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिर से रजिस्ट्री कराने और प्राइवेट वाहनों से लाई जा रही सवारियों पर न्यूनतम शुल्क तय करने का सुझाव दिया है। अब इन प्रस्तावों पर विभाग विस्तृत विचार-विमर्श कर आगे की कार्यवाही करेंगे।
