जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने विकास खण्ड गरूड़ के क्षेत्रान्तर्गत प्राइमरी पाठषाला सिलंगतोली का औचक निरीक्षण किया,
प्रेस नोट बागेष्वर 08 अगस्त, 2019(सू0वि) जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने विकास खण्ड गरूड़ के क्षेत्रान्तर्गत प्राइमरी पाठषाला सिलंगतोली का औचक निरीक्षण किया, विद्यालय में कक्षा 01 से 05 तक कुल 14 बच्चे अध्ययनरत हैं, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से विभिन्न विशयों से सम्बन्धित प्रष्न पूछे जिनमें से बच्चों के द्वारा कुछ ही प्रष्नों की जवाब दिया जा सका जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विद्यालय में कार्यरत एक मात्र कार्यरत षिक्षा मित्र नरायण गोस्वामी ने जिलाधिकारी को बताया कि प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत एक मात्र अध्यापिका श्रीमती सबिता देवी का स्थानान्तरण पिछले माह पचना में किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड षिक्षा अधिकारी, गरूड़ के वेतन रोकने के निर्देष दिये। उन्होंने निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि खण्ड षिक्षा अधिकारी गरूड के द्वारा विद्यालयांे का निरीक्षण नही किया गया साथ ही प्राथमिक विद्यालय सिलिंगतोली में कार्यरत एक मात्र नियमित षिक्षिका का स्थानान्तरण करने के पष्चात किसी भी नियमित षिक्षक की तैनाती नही की गयी। जिलाधिकारी ने मुख्य षिक्षा अधिकारी, बागेष्वर को कड़े निर्देष जारी करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापरक षिक्षा देना व बच्चों के सर्वागींण विकास में अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसी उद्देष्य से अध्यापक बच्चों को उच्चकोटी की षिक्षा प्रदान करें यह बात सुनिष्चित की जाय। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य के संबन्ध में षिक्षामित्र को निर्देषित करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण में कोई भी बच्चा छूट न पायें तथा समयसमय पर होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण में प्रत्येक बच्चे का परीक्षण अनिवार्य रूप से करायें। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कार्यरत षिक्षामित्र को निर्देष दिए कि बच्चों को पूर्ण मनोयोग एवं लगन के साथ पढ़ाये, पढ़ाई में लापरवाही कतई न बरती जाय, लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कडी कार्यवाही भी अमल में लाई जायेगी। साथ ही उन्होंने विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बनाये जावे वाले चावल, दाल आदि का भी परीक्षण किया जो ठीक पाया गया, उन्होंने भोजन माता से बच्चों को साफसफाई के साथ मीनू के अनुसार गुणवत्तापरक भोजन परोसने के निर्देष दिये। इसके उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। जिसमें मात्र 03 बच्चे पंजीकृत हैं, जो उपस्थित थें। आंगनबाड़ी केन्द्र की छत भी जीर्णषीर्ण हालत में है जिस पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को प्राइमरी विद्यालय में ही बैठाकर पठनपाठन करने के निर्देष दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी,एस॰एस॰एस॰ पांगती, जिला विकास अधिकारी, के॰एन॰ तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अरूण कुमार वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी बी.सी.पंत, नायब तहसीलदार, भूपाल सिंह मटियानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने विकास खण्ड गरूड़ के क्षेत्रान्तर्गत प्राइमरी पाठषाला सिलंगतोली का औचक निरीक्षण किया, विद्यालय में कक्षा 01 से 05 तक कुल 14 बच्चे अध्ययनरत हैं, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से विभिन्न विशयों से सम्बन्धित प्रष्न पूछे जिनमें से बच्चों के द्वारा कुछ ही प्रष्नों की जवाब दिया जा सका जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विद्यालय में कार्यरत एक मात्र कार्यरत षिक्षा मित्र नरायण गोस्वामी ने जिलाधिकारी को बताया कि प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत एक मात्र अध्यापिका श्रीमती सबिता देवी का स्थानान्तरण पिछले माह पचना में किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड षिक्षा अधिकारी, गरूड़ के वेतन रोकने के निर्देष दिये। उन्होंने निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि खण्ड षिक्षा अधिकारी गरूड के द्वारा विद्यालयांे का निरीक्षण नही किया गया साथ ही प्राथमिक विद्यालय सिलिंगतोली में कार्यरत एक मात्र नियमित षिक्षिका का स्थानान्तरण करने के पष्चात किसी भी नियमित षिक्षक की तैनाती नही की गयी। जिलाधिकारी ने मुख्य षिक्षा अधिकारी, बागेष्वर को कड़े निर्देष जारी करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापरक षिक्षा देना व बच्चों के सर्वागींण विकास में अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसी उद्देष्य से अध्यापक बच्चों को उच्चकोटी की षिक्षा प्रदान करें यह बात सुनिष्चित की जाय। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य के संबन्ध में षिक्षामित्र को निर्देषित करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण में कोई भी बच्चा छूट न पायें तथा समयसमय पर होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण में प्रत्येक बच्चे का परीक्षण अनिवार्य रूप से करायें। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कार्यरत षिक्षामित्र को निर्देष दिए कि बच्चों को पूर्ण मनोयोग एवं लगन के साथ पढ़ाये, पढ़ाई में लापरवाही कतई न बरती जाय, लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कडी कार्यवाही भी अमल में लाई जायेगी। साथ ही उन्होंने विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बनाये जावे वाले चावल, दाल आदि का भी परीक्षण किया जो ठीक पाया गया, उन्होंने भोजन माता से बच्चों को साफसफाई के साथ मीनू के अनुसार गुणवत्तापरक भोजन परोसने के निर्देष दिये। इसके उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। जिसमें मात्र 03 बच्चे पंजीकृत हैं, जो उपस्थित थें। आंगनबाड़ी केन्द्र की छत भी जीर्णषीर्ण हालत में है जिस पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को प्राइमरी विद्यालय में ही बैठाकर पठनपाठन करने के निर्देष दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी,एस॰एस॰एस॰ पांगती, जिला विकास अधिकारी, के॰एन॰ तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अरूण कुमार वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी बी.सी.पंत, नायब तहसीलदार, भूपाल सिंह मटियानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
