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1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा बन सकेंगे मतदाता, 4 जनवरी को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 23 अक्टूबर 2026 से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) शुरू होगी। वहीं, मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान-2027 शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इन दोनों कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

सभी 13 जिलों में होगी EVM-VVPAT की जांच

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 23 अक्टूबर से सभी जनपदों में EVM और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की जाएगी। यह जांच निर्माता कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में की जाएगी।

जांच प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि वे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के साक्षी बन सकें। चुनाव में केवल एफएलसी में प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाएगा।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और पात्रता के अनुसार अन्य दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

  • 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
  • 28 दिसंबर 2026 तक: दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

युवाओं के पास मतदाता बनने का अवसर

जो नागरिक 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन विभाग के अनुसार, 12 से 20 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में फॉर्म-6 के कुल 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

फॉर्म-6 का उपयोग पात्र नागरिकों द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। आगामी पुनरीक्षण अभियान नए मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

फॉर्म-7 के आवेदनों पर भी निर्धारित सीमा

बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 के संबंध में भी जानकारी दी गई। निर्वाचन विभाग के अनुसार, दावे एवं आपत्तियों की पूरी अवधि


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By udaen

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