स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरण
PIB Delhi
स्वामित्व योजना के अंतर्गत, 19 मार्च 2026 तक लक्षित 3.44 लाख गांवों में से 3.29 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। 1.87 लाख गांवों के लिए 3.10 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं और 2.65 करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। तैयार और वितरित किए गए संपत्ति कार्डों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
19 मार्च 2026 तक, लक्षित 3.44 लाख गांवों में से 3.29 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। पंचायती राज मंत्रालय ड्रोन सर्वेक्षण और मानचित्र तैयार करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग को धनराशि उपलब्ध कराता है। इसके बाद की गतिविधियाँ, जैसे कि जमीनी सत्यापन, संपत्ति कार्ड तैयार करना और वितरण, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा की जाती हैं। संपत्ति कार्ड का वितरण केंद्रीय और राज्य स्तर पर भी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की सहमति से किया जाता है। पंचायती राज मंत्रालय प्रगति और योजना के समय पर पूरा होने की नियमित निगरानी के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ निरंतर संपर्क में रहा है।
स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को अधिकारों का अभिलेख उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत, ग्रामीण आबादी वाली भूमि का सीमांकन ‘ड्रोन सर्वेक्षण’ और ‘निरंतर संचालित संदर्भ स्टेशन’ (CORS) प्रौद्योगिकी का उपयोग करके किया जाता है, जिससे गांवों के आबादी क्षेत्रों के उच्च सटीकता वाले मानचित्र तैयार किए जाते हैं। ये उच्च सटीकता वाले मानचित्र संपत्ति की सीमाओं को स्पष्ट रूप से सीमांकित करके और अधिकारों का रिकॉर्ड बनाकर संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जमीनी सत्यापन और विवाद समाधान की पारदर्शी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि स्वामित्व के रिकॉर्डों को निष्पक्ष और सटीक रूप से अंतिम रूप दिया जाए।
यह योजना पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से लागू की गई है, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति से संपत्ति कार्ड जारी किए जाते हैं, इसलिए विवाद की संभावना नगण्य है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त सफलता की विभिन्न कहानियों से पता चलता है कि स्वामित्व संपत्ति कार्ड ने संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद की है। उदाहरण के लिए, जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले के एक गांव के एक परिवार के मालिक ने बताया है कि स्वामित्व योजना की मदद से वे आखिरकार संपत्ति विवाद को हल करने में सक्षम हुयेथे जिसने वर्षों तक उनके परिवार को परेशान किया था। मानचित्रण की स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया ने भूमि का उचित विभाजन सुनिश्चित किया, और आधिकारिक संपत्ति कार्ड के साथ अब उनके पास अपने हिस्से का कानूनी स्वामित्व है। इससे परिवारों और समाज के भीतर शांति और सदभाव को बढ़ावा मिला है। स्वामित्व संपत्ति कार्ड के आधार पर बैंकों से ऋण भी प्राप्त किया जा सकता है।
पंचायती राज मंत्रालय लाभार्थियों की संख्या का लिंग-वार रिकॉर्ड नहीं रखता है, लेकिन राज्यों को महिलाओं को सह-स्वामित्व अधिकार प्रदान करने वाले संपत्ति कार्ड जारी करने का अधिकार है। तदनुसार, कुछ राज्यों ने संपत्ति कार्डों में महिलाओं के सह-स्वामित्व का प्रावधान भी किया है, जैसे मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मिजोरम, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, पुदुच्चेरी, दमन और दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली।
अनुलग्नक-I
| क्र. स. | राज्य/संघ राज्य क्षेत्र | अधिसूचित गांव | ड्रोन उड़ान पूरी करने वाले गांव | उन गांवों की संख्या जिनके संपत्ति कार्ड तैयार किए गए | तैयार किए गए संपत्ति कार्डों की संख्या | वितरित संपत्ति कार्डों की संख्या |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 186 | 186 | 141 | 7409 | 7409 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 13321 | 13321 | 1067 | 530351 | 0 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 3647 | 3647 | 0 | 0 | 0 |
| 4 | असम | 946 | 946 | 0 | 0 | 0 |
| 5 | छत्तीसगढ़ | 15791 | 15791 | 2557 | 196757 | 92545 |
| 6 | दादरा नगर हवेली और दमन दीव | 80 | 80 | 75 | 4397 | 4397 |
| 7 | दिल्ली | 31 | 31 | 0 | 0 | 0 |
| 8 | गोवा | 410 | 410 | 410 | 672646 | 672646 |
| 9 | गुजरात | 15025 | 14900 | 10122 | 1658089 | 1232223 |
| 10 | हरियाणा | 6260 | 6260 | 6260 | 2515646 | 2515646 |
| 11 | हिमाचल प्रदेश | 15196 | 14108 | 364 | 5419 | 5395 |
| 12 | जम्मू और कश्मीर | 4429 | 4402 | 1294 | 43910 | 39418 |
| 13 | झारखंड | 757 | 240 | 0 | 0 | 0 |
| 14 | कर्नाटक | 30715 | 26039 | 5032 | 1054754 | 336779 |
| 15 | केरल | 597 | 597 | 0 | 0 | 0 |
| 16 | लद्दाख | 232 | 232 | 225 | 18788 | 15623 |
| 17 | लक्षद्वीप द्वीपसमूह | 10 | 10 | 10 | 13563 | 13563 |
| 18 | मध्य प्रदेश | 43014 | 43014 | 39813 | 6576707 | 5418319 |
| 19 | महाराष्ट्र | 37819 | 37612 | 22609 | 3785481 | 3785481 |
| 20 | मणिपुर | 2555 | 207 | 0 | 0 | 0 |
| 21 | मिज़ोरम | 568 | 568 | 30 | 4041 | 1,155 |
| 22 | ओडिशा | 2724 | 2724 | 43 | 1716 | 1,716 |
| 23 | पुदुच्चेरी | 96 | 96 | 92 | 2801 | 2,801 |
| 24 | पंजाब | 12083 | 10283 | 386 | 53591 | 4581 |
| 25 | राजस्थान | 36,300 | 35929 | 15163 | 1443423 | 1443423 |
| 26 | सिक्किम | 1 | 1 | 0 | 0 | 0 |
| 27 | तमिलनाडु | 3 | 3 | 0 | 0 | 0 |
| 28 | तेलंगाना | 5 | 5 | 0 | 0 | 0 |
| 29 | त्रिपुरा | 898 | 19 | 893 | 571783 | 571783 |
| 30 | उत्तर प्रदेश | 90573 | 90573 | 73713 | 11582743 | 10131232 |
| 31 | उत्तराखंड | 7441 | 7441 | 7441 | 278229 | 278,229 |
| कुल | 3,44,001 | 3,29,675 | 1,87,665 | 3,10,10,249 | 2,65,70,115 |
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 25 मार्च 2026 को राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
