वैश्विक राजनीति इस समय एक बड़े संक्रमण काल से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार यह सवाल उठ रहा है कि क्या “Old World Order” यानी पुरानी विश्व व्यवस्था समाप्त हो रही है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि दुनिया अब उस व्यवस्था से आगे निकल रही है जो के बाद बनी थी।
1. कैसे बना Old World Order
1945 के बाद दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कई वैश्विक संस्थाएं बनाई गईं। इनमें प्रमुख हैं , और ।
इस व्यवस्था में राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य नेतृत्व मुख्य रूप से और उसके पश्चिमी सहयोगियों के हाथ में रहा। पश्चिमी सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य आधार बना।
शीत युद्ध के बाद तो दुनिया लगभग एकध्रुवीय (Unipolar) हो गई, जहां अमेरिका सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरा।
2. क्यों बदल रही है वैश्विक व्यवस्था
21वीं सदी में शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है।
- दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है
- वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से उभर रहा है
- सैन्य और ऊर्जा शक्ति के रूप में प्रभाव बनाए हुए है
इन देशों की सक्रियता ने पश्चिमी प्रभुत्व वाली व्यवस्था को चुनौती दी है।
3. युद्ध और भू-राजनीतिक टकराव
हाल के वर्षों में दुनिया में कई बड़े भू-राजनीतिक संकट सामने आए हैं।
सबसे बड़ा उदाहरण है , जिसने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया।
इसके अलावा अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और सैन्य प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती जा रही है। इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि दुनिया की शक्ति राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।
4. BRICS और Global South की भूमिका
उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह भी वैश्विक आर्थिक संतुलन को बदलने की कोशिश कर रहा है।
BRICS का उद्देश्य पश्चिमी आर्थिक संस्थाओं के विकल्प तैयार करना और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करना है।
इसी कारण “Global South” की भूमिका भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले से अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।
5. भविष्य की दुनिया: Multipolar World
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दुनिया Multipolar World यानी बहुध्रुवीय व्यवस्था में बदल सकती है।
इस व्यवस्था में कई शक्ति केंद्र होंगे:
- यूरोप और अन्य क्षेत्रीय शक्तियां
निष्कर्ष
“Old World Order is Dead” कहना शायद अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना स्पष्ट है कि दुनिया की शक्ति संरचना तेजी से बदल रही है।
नई शक्तियों के उभार, वैश्विक संघर्षों और आर्थिक बदलावों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक नए रूप में ढल रही है। आने वाले दशक तय करेंगे कि दुनिया वास्तव में किस प्रकार की विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ेगी।
