उत्तराखंड: मुख्यमंत्री ने किया उत्तरकाशी के ऐतिहासिक माघ मेले का विधिवत् शुभारंभ
मकर संक्रांति के पर्व पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) आज से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले का विधिवत् शुभारंभ किया।
SHABD,Dehradun, January 14,
14 जनवरी 2026, उत्तरकाशी:
मकर संक्रांति के पर्व पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) आज से शुरू हो गया है। पौराणिक माघ मेले का उद्घाटन बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता तथा बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोली के सानिध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया। रामलीला मैदान में सप्ताह भर चलने वाला बाड़ाहाट का थौलू के नाम से प्रचलित यह पौराणिक मेला जिले की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संवाहक है।

मेले में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लोक देवताओं की डोलियों धार्मिक प्रतीकों के साथ उत्तरकाशी पहॅुंची। भागीरथी नदी में पर्व स्नान करने के बाद कंडार देवता व हरि महाराज सहित अनेक देवडोलियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने बाड़ाहाट स्थित चमाला की चौंरी पर पहॅुचकर डोलीनृत्य व रासो-तांदी नृत्य कर बाड़ाहाट के थौलू की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की छटा बिखेरी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मकर संक्रांति और माघ मेले की बधाई देते हुए कहा कि यह एक लोक आस्था का महाकुंभ है और आज के दिन से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। आज उत्तरकाशी जिला अपनी एक आध्यात्मिक पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जिले में एक हजार करोड़ से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुधारीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान पौराणिक भगवान विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में दर्शन के उपरांत महान संतों के आशीर्वचनों और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित संकलन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ के संतों का तप व ज्ञान हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि संतों के दिव्य वचन समाज को सही मार्ग दिखाने के साथ-साथ हमारी युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में सहायक हैं।
