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मंत्री श्री सिंधिया ने कहा, “सी-डॉट कोर, तेजस आरएएन और टीसीएस के एकीकरण पर आधारित बीएसएनएल का स्वदेशी 4जी (जो पूरी तरह 5जी में अपग्रेड किया जा सकता है) नेटवर्क, विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है”

इस पहल का उद्देश्य भारत की दूरसंचार आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है

प्रविष्टि तिथि: 26 SEP 2025 3:55PM by PIB Delhi

संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल दो महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ करेंगे । पहली पहल- देश भर में लगभग 98,000 मोबाइल 4जी टावरों की स्थापना है। दूसरी पहल- स्वदेशी 4जी नेटवर्क है, जो पूरी तरह से सॉफ्टवेयर-संचालित, क्लाउड-आधारित, भविष्य-के लिए तैयार डिज़ाइन वाला और 5जी में आसानी से अपग्रेड करने योग्य है। उन्होंने कहा, “भारत का कोई भी हिस्सा इससे अछूता नहीं रहेगा।” उन्होंने कहा कि ये 4जी टावर पहले से ही देश भर में 22 मिलियन ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रहे हैं।

यह भारत के लिए दूरसंचार के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात है, क्योंकि भारत दुनिया के शीर्ष दूरसंचार उपकरण निर्माताओं की श्रेणी में शामिल हो गया है। आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत, बीएसएनएल ने तेजस नेटवर्क द्वारा विकसित रेडियो एक्सेस नेटवर्क (आरएएन), सी-डॉट द्वारा तैयार कोर नेटवर्क और टीसीएस द्वारा एकीकृत पूर्णतः स्वदेशी 4जी प्रौद्योगिकी स्टैक को लागू किया है।

मंत्री श्री सिंधिया ने स्पष्ट किया, “आम नागरिक के लिए इसका क्या आशय है? इसका आशय है कि बिहार के छात्रों को अब विश्वस्तरीय ऑनलाइन शिक्षा तक निर्बाध पहुँच प्राप्त होगी। पंजाब के किसानों को मंडी के भावों की वास्तविक समय में जानकारी मिलेगी। कश्मीर में तैनात सैनिक अपने प्रियजनों से जुड़े रहेंगे। पूर्वोत्तर के उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता और वित्तपोषण तक पहुँच प्राप्त होगी। यह 4जी अवसंरचना सोच-समझकर इस तरह डिज़ाइन की गई है, कि उससे हर भारतीय का उत्थान किया जा सके,चाहे उसकी भौगोलिक स्थिति या पृष्ठभूमि कुछ भी हो।”

उन्होंने कहा, “हम डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के माध्यम से भारत के 100% 4जी सैचुरेशन नेटवर्क का भी शुभारंभ कर रहे हैं, जहां 4जी सैचुरेशन परियोजना और डीबीएन की अन्य परियोजनाओं के तहत  करीब 29,000 गांवों को जोड़ा गया है, यह बीएसएनएल की रजत जयंती-राष्ट्र की सेवा में 25 साल, से पहले उठाया गया कदम है।”

दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने एक प्रस्तुति दी और दूरसंचार के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय विकास गाथा को रेखांकित किया, जिसमें शुरुआती संशय से लेकर स्वदेशी 4जी स्टैक के सफल विकास और देश भर में स्वदेशी 4जी टावरों की स्थापना तक की यात्रा का वर्णन शामिल रहा। उन्होंने कहा‍ कि डिजिटल भारत निधि ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे भारत के युवाओं, उद्योग जगत के सहयोग और निरंतर वास्तविक समय निगरानी ने देश को दूरसंचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है और इसे माननीय प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत और विश्वगुरु के विजन के अनुरूप, दुनिया भर में प्रौद्योगिकी निर्यात करने की स्थिति में ला दिया है।

भारत अब वैश्विक दूरसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। मात्र चार साल पहले जो असंभव लग रहा था, वह अब प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भरता, डिजिटल समावेशन और वैश्विक नेतृत्व के विजन के प्रति केंद्रित क्रियान्वयन और अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से साकार हो गया है। यह विजन अब साकार हो रहा है। आज, भारत न केवल 1.2 बिलियन लोगों तक उच्च-गुणवत्ता वाली दूरसंचार सेवाओं का विस्तार कर रहा है, बल्कि दूरसंचार उपकरण निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह दोहरी उपलब्धि वैश्विक विकास, समता और डिजिटल समावेशन के वाहक के रूप में देश की भूमिका को पुष्ट करती है—जो वसुधैव कुटुम्बकम (सारी पृथ्वी एक परिवार है) का प्रतीक है।

राष्ट्रीय महत्व के इस क्षण में अब प्रधानमंत्री इस उपलब्धि का अनावरण कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे – जो केवल एक तकनीकी उपलब्धि की पूर्णता ही नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने के भी पूरे होने का प्रतीक है, जो कभी असंभव लगता था, लेकिन अब साकार हो चुका है।


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By udaen

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