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6 दिवसीय कार्यक्रम 22 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में शुरू होगा

कार्यक्रम का उद्देश्य मानव अधिकारों के विभिन्न आयामों, अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्यों में अंतर्दृष्टि प्रदान करना और विभिन्न एनएचआरआई के प्रतिभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एनएचआरसी, भारत के अनुभव को साझा करना है

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत, विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से, 22 से 27 सितंबर, 2025 तक नई दिल्ली में ग्‍लोबल साउथ की राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों (एनएचआरआई) के वरिष्ठ-स्तरीय पदाधिकारियों के लिए मानव अधिकारों पर छह दिवसीय भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यकारी क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्‍लोबल साउथ की राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों (एनएचआरआई) की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। यह वैश्विक मानव अधिकार संवाद, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और अधिकार-आधारित शासन की सामूहिक उन्नति के प्रति एनएचआरसी भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह कार्यक्रम भाग लेने वाले देशों के राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्‍थानों (एनएचआरआई) की आवश्यकताओं और आयोग द्वारा आयोजित तीन पूर्व आईटीईसी क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त फीडबैक के अनुसार बनाया गया है। मॉरीशस, जॉर्डन, जॉर्जिया, फिलीपींस, कतर, फिजी, उज्बेकिस्तान, बोलीविया, नाइजीरिया, माली, मोरक्को और पैराग्वे के 12 राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्‍थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के इस कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है।

एनएचआरसी भारत के तीन दशकों से भी अधिक के अनुभव का लाभ लेने के लिए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्‍लोबल साउथ में वकालत, प्रवर्तन और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए एनएचआरआई के बीच गहरी समझ, पारस्परिक शिक्षा और सार्थक सहयोग को बढ़ावा देना है। क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान करने में विशेषज्ञता और क्षेत्र का ज्ञान रखने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति विशेषज्ञ होंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचआरसी, भारत के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन द्वारा किया जाएगा।

इसके अपेक्षित परिणामों में मानव अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय आयामों की बेहतर समझ विकसित करना; एनएचआरसी की गहन समझ, मानव अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में भारत के कार्य और इसकी सर्वोत्तम व्‍यवस्‍थाएं जिनको अन्य एनएचआरआई अपना सकती है; एनएचआरआई के बीच बेहतर नेटवर्किंग, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना; और मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन में योगदान करने की क्षमता में वृद्धि शामिल है।

प्रतिभागी इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद सत्रों में भाग लेंगे, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेंगे और क्षेत्रीय भ्रमण करेंगे। यह कार्यक्रम मानव अधिकारों का सम्मान, संरक्षण और सम्मान करने वाली दुनिया के निर्माण के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) भारत की सतत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसका उद्देश्य ग्‍लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्‍थानों (एनएचआरआई) के बीच संवाद, शिक्षा और सहयोग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करना है।


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By udaen

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