संसद प्रश्न: कैम्पा कोष
प्रतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम, 2016 के अंतर्गत प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) का गठन किया गया है। अधिनियम में भारत के लोक लेखा और प्रत्येक राज्य के लोक लेखा के अंतर्गत निधियों की स्थापना का प्रावधान है जिससे वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के अनुसार गैर-वानिकी उद्देश्यों हेतु वन भूमि के उपयोग के बदले में वन एवं पारिस्थितिकी सेवाओं के नुकसान की भरपाई के लिए उपयोगकर्ता एजेंसियों से प्राप्त प्रतिपूरक शुल्क जमा किया जा सके। इन निधियों का उपयोग प्रतिपूरक वनीकरण निधि (सीएएफ) अधिनियम, 2016 और सीएएफ नियम, 2018 के प्रावधानों के अनुसार प्रतिपूरक वनीकरण और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए किया जाता है। पिछले पांच वर्षों में कैम्पा निधि के अंतर्गत किये गये वनरोपण का राज्यवार विवरण निम्नलिखित है:
| क्रम संख्या | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कैम्पा निधि के अंतर्गत किया गया प्रतिपूरक वनरोपण (हेक्टेयर में) |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 264.06 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 5477.56 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 41438.92 |
| 4 | असम | 2299.278 |
| 5 | बिहार | 6154.27 |
| 6 | चंडीगढ़ | 1.94 |
| 7 | छत्तीसगढ़ | 12477.2 |
| 8 | दिल्ली | 359.92 |
| 9 | गोवा | 2378 |
| 10 | गुजरात | 25359.36 |
| 11 | हरियाणा | 9732.05 |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | 7621 |
| 13 | जम्मू और कश्मीर | 11908.58 |
| 14 | झारखंड | 27791.29 |
| 15 | कर्नाटक | 4907.36 |
| 16 | केरल | 343.6 |
| 17 | लद्दाख | 21746.82 |
| 18 | मध्य प्रदेश | 20553.94 |
| 19 | महाराष्ट्र | 2245.515 |
| 20 | मणिपुर | 781.5 |
| 21 | मेघालय | 2684.8 |
| 22 | मिजोरम | 2570.24 |
| 23 | ओडिशा | 30529.95 |
| 24 | पंजाब | 6717.465 |
| 25 | राजस्थान | 12143.71 |
| 26 | सिक्किम | 1047.4 |
| 27 | तमिलनाडु | 167.33 |
| 28 | तेलंगाना | 22958.63 |
| 29 | त्रिपुरा | 4106.14 |
| 30 | उत्तर प्रदेश | 10998.45 |
| 31 | उत्तराखंड | 21023.07 |
| 32 | पश्चिम बंगाल | 1398.79 |
भूमि राज्य सरकार से संबंधित विषय है। वन क्षेत्र एवं उसकी कानूनी सीमाएं संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित एवं अनुरक्षित की जाती हैं।
वनों के संरक्षण की प्राथमिक ज़िम्मेदारी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है। संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन लागू अधिनियम, नियमों एवं दिशानिर्देशों के अनुसार उल्लंघनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हैं।
वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के उल्लंघनों को उक्त अधिनियम की धारा 3ए और 3बी के प्रावधानों, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों/दिशानिर्देशों,मंत्रालय द्वारा जारी दिनांक 29.12.2023 के समेकित दिशा-निर्देशों और स्पष्टीकरणों के पैरा 1.16 के अंतर्गत प्रावधानों के अनुसार मामला दर मामला के आधार पर निपटाया जाता है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
