Spread the love

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग

azadi ka amrit mahotsav

राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग 28-29 जुलाई, 2025 को हैदराबाद में ‘खुली सुनवाई और शिविर बैठक’ आयोजित करेगा


शिविर के दौरान, आयोग तेलंगाना के 109 मानवाधिकार उल्लंघन मामलों की सुनवाई करेगा

न्याय में तेजी लाने के लिए इस सुनवाई के दौरान अधिकारी और शिकायतकर्ता उपस्थित रहेंगे

मानवाधिकारों के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए आयोग राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगा

मानवाधिकार संबंधी मामलों पर चर्चा करने के लिए नागरिक समाज, गैर सरकारी संगठनों और मानवाधिकार रक्षकों के प्रतिनिधियों से भी आयोग मुलाकात करेगा, इसके बाद मीडिया ब्रीफिंग होगी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), तेलंगाना के 109 कथित मानवाधिकार उल्लंघन मामलों की सुनवाई और पीड़ितों को शीघ्र न्‍याय दिलाने के लिए 28-29 जुलाई, 2025 को हैदराबाद में दो दिवसीय ‘खुली सुनवाई और शिविर बैठक’ आयोजित कर रहा है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री वी. रामसुब्रमण्यन, सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) विद्युत रंजन सारंगी और श्रीमती विजया भारती सयानी 28 जुलाई, 2025 को सुबह 10 बजे से एमसीआर एचआरडी संस्थान, जुबली हिल्स, हैदराबाद में शिकायतकर्ताओं और संबंधित राज्य अधिकारियों की उपस्थिति में मामलों की सुनवाई करेंगी। इस दौरान आयोग के महासचिव श्री भरत लाल; महानिदेशक (जांच) श्री आरपी मीणा, रजिस्ट्रार (विधि) श्री जोगिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

सुनवाई में जिन मामलों पर विचार किया जाएगा उनमें पुलिस कर्मियों द्वारा कथित तौर पर पद का दुरुपयोग, सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत पात्र व्‍यक्‍तियों को लाभ से वंचित करना, जेलों में अनियमितताएं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा में कथित लापरवाही, राज्य भर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अधिकार, महिलाओं के अधिकार जिनमें विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और मानव तस्करी आदि शामिल हैं।

आयोग अगले दिन 29 जुलाई, 2025 को सुबह 11 बजे राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगा और उन्हें विभिन्न मानवाधिकार मुद्दों और मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के महत्व के बारे में जागरूक करेगा। आयोग तेलंगाना सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए जारी की गई विभिन्न सलाह पर की गई सक्रिय कार्रवाई की भी समीक्षा करेगा। इसके बाद, आयोग राज्य से संबंधित मानवाधिकार मुद्दों पर दोपहर 2 बजे नागरिक समाज संगठनों, गैर सरकारी संगठनों और मानवाधिकार रक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। इस बैठक के बाद दोपहर 3.30 बजे राज्य में मानवाधिकार मुद्दों और आयोग द्वारा की गई कार्रवाई पर जानकारी देने के लिए मीडिया ब्रीफिंग होगी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को तत्काल न्याय दिलाने के लिए 2007 से समय-समय पर विभिन्न राज्यों में शिविर बैठकें आयोजित करता रहा है। पिछले सप्ताह, इसने ओडिशा के भुवनेश्वर में एक अत्यंत उपयोगी ‘खुली सुनवाई और शिविर बैठकें’ आयोजित कीं। इससे पहले, इसने उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, गुजरात, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पंजाब, केरल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, झारखंड, अंडमान और निकोबार, नागालैंड, उत्तराखंड, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में ‘शिविर बैठकें’ आयोजित की हैं।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *