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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल।

सूचना/पौड़ी/ 14 जून, 2025:

*कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल।**

*सूचना/पौड़ी/ 14 जून, 2025:* *राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत जिले में बैंक सखी प्रशिक्षण के तृतीय चरण की शुरुआत हो गयी है। इस चरण में विकासखंड कल्जीखाल, कोट, खिर्सू और एकेश्वर से चयनित 39 बैंक सखियों ने प्रतिभाग किया।मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में ईटीसी परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, हैदराबाद के मास्टर ट्रेनर गगन बिहारी भुंया द्वारा बैंक सखियों को बैंकिंग प्रक्रियाएं, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्रेडिट लिंकेज, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय समावेशन और ग्राहक सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी।कार्यक्रम में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद ने बैंक सखियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बैंक सखी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। साथ ही यह भी कहा कि यह न केवल सखियों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है, बल्कि उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर ये सखियां अपने क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता का संचार करेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेंगी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत जिले में बैंक सखी प्रशिक्षण के तृतीय चरण की शुरुआत हो गयी है। इस चरण में विकासखंड कल्जीखाल, कोट, खिर्सू और एकेश्वर से चयनित 39 बैंक सखियों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में ईटीसी परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, हैदराबाद के मास्टर ट्रेनर गगन बिहारी भुंया द्वारा बैंक सखियों को बैंकिंग प्रक्रियाएं, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्रेडिट लिंकेज, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय समावेशन और ग्राहक सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद ने बैंक सखियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बैंक सखी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। साथ ही यह भी कहा कि यह न केवल सखियों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है, बल्कि उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर ये सखियां अपने क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता का संचार करेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेंगी।


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By udaen

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