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वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

श्री पीयूष गोयल ने फिक्की फ्रेम्स के समापन समारोह को किया संबोधित; भारतीय फिल्म और विज्ञापन उद्योग से वैश्विक कंपनियां खड़ी करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया

 PIB Delhi

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज वर्चुअल (आभासी) माध्यम से फिक्की फ्रेम्स के समापन सत्र को संबोधित किया। मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर की कंपनियां खड़ी करने के लिए भारतीय फिल्म और विज्ञापन उद्योग में खासी संभावनाएं और प्रतिभाएं मौजूद हैं। वे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर सकते हैं, पुरस्कार जीत सकते हैं और उद्योग में निवेश तथा पूंजी को आकर्षित कर सकते हैं। उन्होंने उद्योग से देश की सीमाओं से बाहर निकलने का आह्वान किया। केन्द्रीय मंत्री ने भारतीय विज्ञापन जगत से जुड़े लोगों को खासा रचनात्मक बताया, जिनमें से कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की अगुआई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंटेंट के विकास में भारत को वैश्विक लीडर बनना चाहिए। भारतीय फिल्म उद्योग के लिए कुछ देशों द्वारा लगाई गई सीमाओं तथा बाधाओं पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है और अगर सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले आते हैं तो भारत भी बदले में ऐसी ही कार्रवाई करेगा। श्री गोयल ने कहा कि देश में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो मंजूरी, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, ऑनलाइन स्वीकृतियों, ई-गवर्नेंस का कार्यान्वयन उद्योग की वाजिब मांगों में शामिल हैं, जिन पर जल्द से जल्द विचार करने की जरूरत है।

श्री गोयल ने कोविड के खिलाफ लड़ाई और विभिन्न स्वास्थ्य सावधानियों के प्रति जागरूकता के प्रसार में अहम भमिका निभाने पर भारतीय सिनेमा की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक रूप से अहम विषयों को ऐसे तरीकों से उठाने पर प्रशंसा की, जिससे देश के लोगों के लिए उन्हें समझना आसान हो गया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की उदार ताकत का प्रतीक रहा फिल्म उद्योग समकालिक रहा है और इससे युवा भारत की आकांक्षाएं प्रकट होती हैं। उन्होंने कहा कि देश के 1.35 अरब लोग मनोरंजन के आकांक्षी रही है और इसके प्रति खासी भूख रही है। फिल्म उद्योग ने हमेशा से ही उनकी यह इच्छा पूरी की है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने सिनेमा पर गर्व है और वह उसे पूरी क्षमता के साथ दुनिया से जोड़ना चाहेगा। उन्होंने कहा, आत्मनिर्भर भारत का मतलब यही है कि राष्ट्र समानता की शर्तों और आत्म-विश्वास के साथ दुनिया के साथ बातचीत करेगा।

श्री गोयल ने कहा कि हमारे सामने कोविड जैसा संकट है और पूर्व में सामने आए संकटों की तरह यह भी गुजर जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद की दुनिया में अवसरों के लिए हमें तैयार रहना होगा, जिसमें कामकाज और जीवनशैली के नए तरीके सामने आ रहे हैं। इस मुश्किल दौर में अग्रणी रहने के लिए एक दायरे के बाहर जाकर सोचने की जरूरत है, साथ ही नवाचार को भी जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सावधानी बरतना आवश्यक है, लेकिन डर के साथ हम आगे नहीं बढ़ सकेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, “हमें नई वैश्विक व्यवस्था से जुड़ना होगा और इसे अपनाना होगा। मनोरंजन क्षेत्र के साथ ही फिल्म उद्योग भी महामारी से खासा प्रभावित हुआ है और सबसे ज्यादा अहम यह है कि भविष्य में गतिविधियों का संचालन कैसे हो, इस पर फिर से विचार करने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि अनलॉक की प्रक्रिया के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था उल्लेखनीय वापसी कर रही है और मनोरंजन उद्योग में भी फिर से सुधार देखने को मिलेगा।

केन्द्रीय मंत्री ने अनियमित ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर चिंता जाहिर की, जहां कंटेंट कभी-कभार आपत्तिजनक होता है, गलत जानकारियां होती हैं, हमारे देश और समाज की गलत छवि पेश की जाती है तथा यह परिवार के साथ देखने लायक नहीं है।

श्री गोयल ने कहा कि फिल्म उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने उद्योग से सभी हितधारकों का ध्यान रखने और कम कमाई वाले लोगों के लिए कल्याणकारी कदम उठाने का आह्वान किया, जिससे उद्योग से जुड़ा हर व्यक्ति सम्मानजनक जीवन जी सके।

श्री गोयल ने फिल्म जगत की उन प्रतिष्ठित शख्सियतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका हाल में स्वर्गवास हो गया था।


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By udaen

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