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जीएसटी क्षतिपूर्ति मिलने में देरी से नाराज राज्यों ने कसी कमर, केंद्र पर बनाएंगे दबाव

भाजपा शासित राज्यों ने अपने-अपने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की योजना बनाई है।

सरकार कुछ जरुरी वस्तुओं पर जीएसटी बढ़ाने पर विचार कर रही है।

केंद्र सरकार कुछ जरूरी सामानों पर वस्तु एवं सेवा कर (Goods And Services Tax, GST) को बढ़ाने पर विचार कर रही है। जीएसटी से आमदनी बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार ने एक कमेटी भी बनाई है। लेकिन जरुरी सामानों पर जीएसटी बढ़ाना सरकार के लिए आने वाले भविष्य में इतना आसान नहीं होने वाला। वस्तु एवं सेवा कर (Goods And Services Tax, GST) क्षतिपूर्ति मिलने में देरी से नाराज राज्यों ने अब केंद्र सरकार के खिलाफ कमर कस लिया है। गैर भाजपा शासित राज्यों ने अपने-अपने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की योजना बनाई है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जीएसटी के दरों को बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे हैं। इन राज्यों का कहना है कि इससे ब्याज को नुकसान पहुंचेगा और केंद्र को होने वाले लाभ को भी नुकसान होगा। इसलिए हम इन जीएसटी की बढ़ी हुई दरों का विरोध करेंगे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह विकासशील राज्यों के लिए नुकसानदेह है। हाल ही में नीति आयोग की हुई एक बैठक के दौरान भूपेश बघेल ने जीएसटी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना है कि जब से साल 2014 में कोल ब्लॉक आवंटित करने की नीतियों में बदला किया गया है राज्य को इससे होने वाली आमदनी कम हो गई है। उन्होंने कोल ब्लॉक नीलामी के जरिए होने वाले रेवेन्यू में कमी आने की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर भी बताई है।

जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी किए जाने कि स्थिति में गैरभाजपा शासित राज्य मसलन – केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेेश, राजस्थान और केंद्रशासित प्रदेश पुद्दुचेरी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह राज्य केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और इसी वजह से इन्होंने अपने-अपने राज्य की विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की योजना बनाई है।

यहां आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने राज्यों और केंद्र के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार को जीएसटी से होने वाली आमदनी को बढ़ाने के संबंध में सुझाव देगी। राज्यों के वित्त मंत्री और इस कमेटी के कुछ प्रतिनिधियों ने पिछले हफ्ते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात भी की थी।जुड़ें़


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By udaen

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