एनएफडीसी राज्य फिल्म विकास निगमों के साथ मिलकर तकनीकी सहायता प्रदान करके स्थानीय फिल्म सामग्री का संरक्षण करता है
PIB Delhi
सरकार फिल्म निर्माण इकोसिस्टम को विकास, संचार और फिल्म सामग्री प्रसार (डीसीडीएफसी) योजना के माध्यम से समर्थन देती है।
डीसीडीएफसी केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित केंद्रीय योजना है, जिसके तहत सिनेमाई उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
डीसीडीएफसी योजना के तहत, सरकार राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के माध्यम से सिनेमा को बढ़ावा देती है। इसमें क्षेत्रीय सिनेमा के साथ-साथ वृत्तचित्र भी शामिल हैं। इससे देश भर में स्थानीय तकनीशियनों, कलाकारों और सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार सृजित होता है।
सरकार ने मुंबई में “भारत में सृजन करें, दुनिया के लिए सृजन करें” पहल के तहत भारत को वैश्विक कंटेंट निर्माण केंद्र बनाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स-2025) का आयोजन किया। इस शिखर सम्मेलन ने भारतीय रचनाकारों, निर्माताओं और स्टार्टअप्स को 100 से अधिक देशों के वैश्विक खरीदारों, निवेशकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी लोगों के साथ जुड़ने के लिए एकीकृत मंच प्रदान किया।
सरकार ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण समझौतों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सहयोग को भी प्रोत्साहित करती है। इन परियोजनाओं में सरकारी सहयोग के साथ-साथ निजी निर्माताओं की भागीदारी भी शामिल होती है, इसलिए ये सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर काम करती हैं, जिसका उद्देश्य भारतीय ऑडियो-विजुअल इकोसिस्टम में निवेश और उन्नत फिल्म निर्माण पद्धतियों को अपनाना है।
फिल्म समारोहों के आयोजन में सहायता के तहत, राज्य सरकारों द्वारा अनुशंसित फिल्म समारोहों को अनुदान दिया जाता है। इन समारोहों को चुनिंदा फिल्म पैकेज उपलब्ध कराकर, मास्टरक्लास और कार्यशालाओं का आयोजन करके भी सहयोग दिया जाता है। एनएफडीसी संपूर्ण फिल्म जगत में तकनीकी जानकारी प्रदान करके कई राज्य फिल्म विकास निगमों के साथ सहयोग करता है। एनएफडीसी राज्य सरकारों की स्थानीय फिल्म सामग्री के संरक्षण में भी सहायता करता है। कई राज्य अपनी औद्योगिक विकास नीतियों के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल सहित फिल्म निर्माण स्टूडियो के विकास को प्रोत्साहित करते हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने डॉ. थिरुमावलवन थोलकाप्पियन के तारांकित प्रश्न के उत्तर में सदन के पटल पर यह जानकारी प्रस्तुत की।
