अमानवीय श्रम का अंत: गरिमा, सुरक्षा और न्याय की दिशा में निर्णायक कदम
अमानवीय और असुरक्षित कार्य प्रथाओं का अंत केवल एक कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि एक नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। ने स्पष्ट किया है कि गरिमा के साथ जीवन हर नागरिक का अधिकार है—फिर भी जमीनी हकीकत इस लक्ष्य से अभी दूर है।
यह समय केवल कानून बनाने का नहीं, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन, जवाबदेही और जनभागीदारी का है। जब तक समाज, प्रशासन और नागरिक मिलकर इस कुप्रथा के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक बदलाव अधूरा रहेगा।
अमानवीय और असुरक्षित कार्यों को खत्म कर हर श्रमिक के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाना ही सच्चे विकास की पहचान है—सहायता या शिकायत के लिए 14473 पर संपर्क करें।
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