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प्रस्तावित राष्ट्रीय युवा नीति 2026 का लक्ष्य भारत की युवा शक्ति को विकसित भारत 2047 के अनुरूप बनाना

PIB Delhi

प्रस्तावित राष्ट्रीय युवा नीति 2026, युवा विकास के प्रति भारत के दृष्टिकोण में एक रणनीतिक विकास का प्रतिनिधित्व करती है। यह युवाओं की आकांक्षाओं, क्षमताओं और भागीदारी को विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के तहत राष्ट्रीय विकास संबंधी प्राथमिकताओं के साथ जोड़ती है। पूर्ववर्ती राष्ट्रीय युवा नीति 2014 के मूलभूत ढांचे पर आधारित यह नई नीति एक व्यापक मार्गदर्शक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर अधिक व्यवस्थित, परिणाम-उन्मुख प्रतिमान की ओर अग्रसर होती है।

इस नीति में छह प्रमुख क्षेत्रों : युवा नेतृत्व और स्वयंसेवा; शिक्षा; कौशल विकास और रोजगार तत्परता; उद्यमिता और नवाचार; स्वास्थ्य और कल्याण; खेल और मनोरंजन; और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्रवाई की पहचान की गई है। ये क्षेत्र समग्र मानव पूंजी विकास की दिशा में एक बदलाव को दर्शाते हैं, जिसमें न केवल आर्थिक उत्पादकता बल्कि नागरिक जिम्मेदारी, स्थिरता और नेतृत्व पर भी जोर दिया गया है।

इस नीति को समर्थन देने वाला एक प्रमुख संस्थागत नवाचार ‘एमवाई भारत’ मंच की स्थापना है, जो एक डिजिटल इको-सिस्टम के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को क्रियान्वित करता है। यह युवाओं के पंजीकरण, प्रोफाइलिंग और अनुभव आधारित शिक्षण कार्यक्रमों, स्वयंसेवी पहलों और बहु-हितधारक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी को सक्षम बनाता है। मंत्रालयों और संगठनों के बीच अवसरों को एकीकृत करके, यह मंच युवा भागीदारी और क्षमता निर्माण के लिए एक केंद्रीकृत इंटरफेस के रूप में कार्य करता है। ‘एमवाई भारत’ सेवा भाव को बढ़ावा देता है और युवाओं को परिवर्तन के सक्रिय वाहक के रूप में स्थापित करता है। यह पंजीकरण, गतिविधि भागीदारी और संस्थागत साझेदारी जैसे तत्क्षण संकेतकों को एकत्रित करके एक डेटा-संचालित शासन उपकरण के रूप में भी कार्य करता है। इससे साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और कार्यक्रम डिजाइन को मजबूती मिलती है।

नीति निर्माण प्रक्रिया स्वयं परामर्शपरक और समावेशी है, जिसमें माय गॉव और माय भारत जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त सुझावों के साथ-साथ अंतर-मंत्रालयी और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर के परामर्शों को भी शामिल किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि नीति में विविध क्षेत्रीय और जनसांख्यिकीय दृष्टिकोण प्रतिबिंबित हों।

इसके अलावा, नीतिगत प्रणाली को आरजीएनआईवाईडी द्वारा तैयार किए गए युवा विकास सूचकांक (2017) जैसे विश्लेषणात्मक उपकरणों द्वारा समर्थित किया जाता है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा और स्वास्थ्य संकेतकों पर तुलनात्मक जानकारी प्रदान करता है। एमवाई भारत पोर्टल के साथ एकीकृत रीयल-टाइम डैशबोर्ड और नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क के माध्यम से निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को भी मजबूत किया गया है, जिससे युवा भागीदारी और कार्यक्रम की प्रभावशीलता की व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित होती है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रीय युवा नीति 2026 एक डिजिटल रूप से सक्षम, सहभागी और परिणाम-केंद्रित युवा शासन संरचना की ओर एक बदलाव को चिह्नित करती है, जो युवाओं को न केवल लाभार्थियों के रूप में बल्कि भारत के विकास पथ में प्रमुख हितधारकों के रूप में स्थापित करती है।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कल राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।


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By udaen

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