📰 समाचार रिपोर्ट
कोटद्वार | 20 मार्च 2026
गैस सिलेंडर बुकिंग में देरी पर सख्त रुख, समान व्यवस्था की मांग
कोटद्वार क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में हो रही देरी अब जनसुविधा का गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। शहरी क्षेत्रों में जहां उपभोक्ताओं को लगभग 25 दिनों के अंतराल पर गैस रिफिल मिल रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि बढ़कर 45 दिन तक पहुंच गई है। इस असमानता के कारण उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
मामले का संज्ञान लेते हुएउत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कोटद्वार के उपजिलाधिकारी संदीप कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के कारण यहां गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति में एकरूपता होना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं को 25 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
यह मुद्दा केवल आपूर्ति की देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी-ग्रामीण असमानता और वितरण प्रणाली की खामियों को भी उजागर करता है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियां पहले से मौजूद हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में भी ऐसी समस्या का बने रहना प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
सरकार की प्राथमिकता “समान सेवा वितरण” होनी चाहिए, विशेषकर तब जब गैस जैसी बुनियादी सुविधा सीधे आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ी हो। इस मामले में स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक टेस्ट केस बन सकता है कि वह कितनी तेजी और प्रभावशीलता से स्थिति को सुधारता है।
