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वर्षों से लंबित डील की परिकल्पना को प्रधानमंत्री मोदी ने साकार किया : श्री शिवराज सिंह चौहान

PIB Delhi

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रायपुर में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड—को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। प्रमुख क्षेत्रों में आपसी संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए यह समझौता निर्यात वृद्धि को घरेलू प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है और दोनों पक्षों के किसान समुदायों के लिए लाभ सुनिश्चित करता है। भारतीय कृषि के लिए यह एक बड़ा कदम है और देश के किसान समुदाय को बधाई है।

उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह समझौता भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत की कृषि शक्ति आज विश्व के सामने है—भारत चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और हमारी कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर विस्तार से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। घटिया पेस्टिसाइड और नकली बीज किसानों की कमर तोड़ देते हैं, इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में सरकार एक सख्त पेस्टिसाइड अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण आवश्यक है। इसी संकल्प के तहत ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ देश में लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभर सकेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।


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By udaen

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