देहरादून।
राज्य में लगातार हो रही वर्षा, बर्फबारी एवं घने कोहरे के मद्देनज़र सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने आज राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी जनपदों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं को शीघ्र सामान्य किया जाए और सभी संबंधित विभाग 24×7 अलर्ट मोड में रहें।
समीक्षा के दौरान सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में आम जनता को असुविधा न हो और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन ने बंद सड़कों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की स्थिति, तथा विभिन्न स्थानों पर वाहनों व व्यक्तियों के फंसे होने की घटनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बर्फबारी से प्रभावित मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए और सड़क खोलने की मशीनरी व संसाधन पूरी तरह सक्रिय रखें।
सचिव ने विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय टीमों को लगातार फील्ड में तैनात रखने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं वाहन या व्यक्ति के फंसे होने की सूचना मिलती है, तो जिला प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे।
दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए सचिव ने शीतलहर व बर्फबारी को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों एवं अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और आवश्यक देखभाल पर विशेष जोर दिया। साथ ही सभी जनपदों को आपातकालीन संसाधन, मानव बल और उपकरण पूरी तरह तैयार रखने तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को निरंतर स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
सचिव श्री सुमन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
इस अवसर पर सचिव श्री आनंद स्वरूप, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी सहित उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी
वहीं दूसरी ओर रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE), चंडीगढ़ द्वारा जारी Avalanche Warning Bulletin के अनुसार उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। यह चेतावनी 24 जनवरी 2026 शाम 5 बजे से 25 जनवरी 2026 शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी।
DGRE के अनुसार:
- उत्तरकाशी: 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन खतरा स्तर-2 (येलो)
- चमोली: 3000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर खतरा स्तर-3 (ऑरेंज)
- रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर: 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर खतरा स्तर-2 (येलो)
DGRE ने बताया कि इन क्षेत्रों में बर्फ की स्थिति आंशिक रूप से अस्थिर है और कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से चमोली जनपद के ऊँचाई वाले इलाकों में मध्यम आकार के हिमस्खलन संभावित हैं।
इस चेतावनी के मद्देनज़र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जनपदों को अलर्ट पर रखा है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऊँचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखें, पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को सतर्क करें और राहत-बचाव दलों व संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखें।
