नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष, गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त, सीतापुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई
रिपोर्ट में मामलों की जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक व्यक्तियों के निकट संबंधियों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) की जानकारी अपेक्षित है
सीतापुर की घटना में बचाए गए 10 वर्षीय लड़के के चिकित्सा उपचार की ताजा स्थिति के बारे में भी सूचना मांगी गई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर और सीतापुर जिलों में दो अलग-अलग घटनाओं में सीवेज टैंकों की सफाई करते समय पांच व्यक्तियों की मौत के बारे में मीडिया की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है। नोएडा प्राधिकरण के एक पंपिंग स्टेशन पर सीवेज टैंक की सफाई करते समय कथित तौर पर 16 अगस्त, 2025 को दो लोगों की मृत्यु हो गई। अन्य तीन व्यक्तियों की मौत 17 अगस्त, 2025 को सुकेथा गांव में एक घर में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय हुई थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि इन खबरों की विषय-वस्तु में सच्चाई है, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा खड़ा होता है। इसलिए, आयोग ने नोएडा की घटना से संबंधित मामले में नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को तथा सीतापुर की घटना पर जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट में मामलों की जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक व्यक्तियों के निकट संबंधियों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) की जानकारी भी शामिल होने की उम्मीद है। सीतापुर की घटना में घायल लड़के को दी जा रही चिकित्सा की स्थिति की भी जानकारी अपेक्षित है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नोएडा घटना में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उन्हें ठेकेदार द्वारा कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
कथित तौर पर, सीतापुर की घटना में एक 10 वर्षीय लड़के को एक फंसे हुए पॉलीथीन बैग को निकालने के लिए सेप्टिक टैंक में उतारा गया था। हालांकि, जब उसका दम घुटने लगा तो मकान मालिक ने बच्चे को बाहर निकाला और स्वयं ही पॉलीथीन हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए उसके दो पड़ोसी एक के बाद एक टैंक में उतरे थे और फिर वे भी जहरीली गंध की चपेट में आ गए।
