शुरुआत में 12 भाषाओं को शामिल किया गया; संस्कृत, डोगरी सहित 10 और भाषाओं को शामिल करने की योजना
सरकार द्वारा मल्टीलिंग्वल भारत के लिए स्वदेशी एआई/एमएल नवाचारों को बढ़ावा
‘भाषा सेतु’ चैलेंज का उद्देश्य विभिन्न भारतीय भाषाओं में विषय-सामग्री के अनुवाद के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करना है। इसका लक्ष्य भारतीय भाषाओं के लिए तत्क्षण अनुवाद समाधान विकसित करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का लाभ उठाने वाले स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।
इस चैलेंज के माध्यम से विकसित की जाने वाली प्रस्तावित प्रौद्योगिकी में 12 भाषाएं अर्थात असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, हिंदी, उड़िया, पंजाबी, तेलुगु, तमिल और उर्दू शामिल होंगी।
इसे मापनयोग्य और मॉड्यूलर बनाया जाएगा, जिसमें 10 अतिरिक्त भाषाओं यानी कश्मीरी, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली, संस्कृत, सिंधी, बोडो, संथाली, मैथिली और डोगरी को जोड़ने की क्षमता होगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में यह जानकारी प्रस्तुत की।
