Spread the love

वित्‍त मंत्रालय

आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया

आयकर विभाग ने उत्तरी भारत के एक प्रमुख पशुपालक के मामले में 18 नवंबर 2020 को तलाशी और सर्वेक्षण की कार्रवाई शुरू की। कानपुर, गोरखपुर, नोएडा, दिल्ली और लुधियाना में 16 स्थानों पर तलाशी और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जा रही है।

समूह के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि इसने दिल्ली स्थित कुछ शेल कंपनियों से गैर-प्रमाणिक असुरक्षित ऋण के रूप में 100 करोड़ से अधिक की आवास प्रविष्टियां ली हैं। असामान्य रूप से उच्च विविध लेनदार, शुद्ध लाभ को छुपाना और यह भी कि संबंधित समूह चिट फंड कंपनी को अज्ञात स्रोतों से कई करोड़ के असुरक्षित ऋण मिले थे।

तलाशी कार्रवाई के दौरान यह पाया गया है कि जिन शेल कंपनियों से ऋण लिया गया था, वे केवल कागज पर मौजूद हैं और उनका कोई वास्तविक व्यवसाय और साख नहीं है। इन शेल कंपनियों के निदेशक डमी, गैर-फाइलर और बिना किसी साधन के व्यक्ति हैं। इन कंपनियों के निदेशकों में से एक टैक्सी चालक के रूप में मिला है जिसके 11 बैंक खाते हैं, जिसमें धन बड़ी संख्या में है। इसलिए, यह माना गया है कि इन शेल कंपनियों से असुरक्षित ऋण के रूप में 121 करोड़ रुपये से अधिक की आवास प्रविष्टियां फर्जी हैं और वास्तव में समूह की बेहिसाब आय का प्रतिनिधित्व करती हैं।

जांच के दौरान आगे पाया गया है कि इन शेल कंपनियों में से एक समूह की चिट फंड व्यवसाय में एक चिट सब्सक्राइबर है जो चिट फंड अधिनियम, 1982 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

तलाशी में समूह के मुख्य व्यक्तियों के आवासों के निर्माण में भारी बेहिसाब निवेश का खुलासा हुआ है। उसी का सत्यापन किया जा रहा है और मूल्यांकन के लिए भेजा जाएगा।

अब तक 52 लाख रुपए के सोने और हीरे के आभूषण जब्त किए गए हैं। शेष आभूषणों के अधिग्रहण के स्रोतों का सत्यापन किया जा रहा है। कुल नकदी 1.30 करोड़ रुपए के स्रोत की जांच की जा रही है। कुल 7 लॉकर मिले हैं, जिनकी जांच होना बाकी है।

आगे की जांच चल रही है


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *