दिल्ली में प्रदर्शन कवरेज के दौरान पत्रकारों की गिरफ्तारी पर नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने जताया विरोध, राष्ट्रपति को लिखा पत्र
पत्रकारों की गिरफ्तारी के आधार सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबरों पर नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने इस मामले में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की अपील की है। संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र पत्रकारिता और समाचार संकलन के दौरान उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता तक सूचनाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में प्रदर्शन जैसे संवेदनशील अवसरों पर समाचार संकलन कर रहे पत्रकारों की गिरफ्तारी की खबरें गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए घटनास्थल पर समाचार संकलन कर रहे थे, तो उनके साथ की गई कार्रवाई के आधार और परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दौरान कानूनी प्रक्रिया, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन भी आवश्यक है।
पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? यदि किसी पत्रकार को गिरफ्तार किया जाता है, तो गिरफ्तारी के आधार, संबंधित कानूनी प्रावधानों और कार्रवाई की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
संगठन का कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से समाचार संकलन करने के अधिकार का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। यदि पत्रकारों को अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते समय अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो इससे स्वतंत्र पत्रकारिता और सूचना के प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कानून से ऊपर नहीं हैं पत्रकार, लेकिन अधिकारों का हनन भी स्वीकार्य नहीं
राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने स्पष्ट किया कि पत्रकार कानून से ऊपर नहीं हैं। यदि किसी पत्रकार के विरुद्ध कानून के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मौजूद हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, पत्रकार होने के कारण किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और न ही समाचार संकलन के दौरान अनुचित बल प्रयोग या अधिकारों के उल्लंघन को उचित ठहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई का आकलन तथ्यों, परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए। पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति में यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि गिरफ्तारी किन आधारों पर की गई और क्या निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग
नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के माध्यम से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पत्रकारों की गिरफ्तारी के आधार सार्वजनिक करने तथा यदि किसी स्तर पर नियमों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
संगठन ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक पत्रकार या मीडिया संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध जनहित में सूचना प्राप्त करने और उसे समाज तक पहुंचाने की लोकतांत्रिक व्यवस्था से भी है।
एम. डी. शर्मा ने कहा कि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा। संगठन का विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों के साथ संभावित अन्याय और उनके अधिकारों के अनुचित हनन के विरुद्ध है।
नोट: यह समाचार नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और संगठन के पक्ष पर आधारित है। पत्रकारों की गिरफ्तारी की परिस्थितियों, संबंधित पुलिस कार्रवाई और राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जानी शेष है।
