Spread the love

 **डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act, 2023) का मीडिया और पत्रकारिता पर प्रभाव**  

**1. डेटा संग्रह और सहमति:**  

– मीडिया संस्थानों (जैसे कि **Udaen News Network**) को **पाठकों, रिपोर्टरों, और सूचना स्रोतों** का व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा करने से पहले स्पष्ट **सहमति (Consent)** लेनी होगी।  

– इंटरव्यू, न्यूज़लेटर, सब्सक्रिप्शन, और ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म में **डेटा संग्रह की पारदर्शिता** ज़रूरी होगी।  

**2. रिपोर्टिंग और गोपनीयता:**  

– खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism) में यदि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी प्रकाशित करनी है, तो इसे **“लोकहित” (Public Interest)** के आधार पर उचित ठहराना होगा।  

– बिना सहमति के किसी भी व्यक्ति का संवेदनशील डेटा (जैसे स्वास्थ्य, वित्तीय जानकारी) प्रकाशित करना **गोपनीयता का उल्लंघन** माना जा सकता है।  

**3. **व्हिसलब्लोअर्स (Whistleblowers) और स्रोतों की सुरक्षा:**  

– मीडिया संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने **सूत्रों (sources) और व्हिसलब्लोअर्स** की जानकारी सुरक्षित रखें, अन्यथा डेटा लीक होने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।  

**4. डेटा उल्लंघन (Data Breach) और दंड:**  

– यदि किसी न्यूज़ वेबसाइट या मीडिया प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होता है तो **₹250 करोड़ तक का जुर्माना** लगाया जा सकता है।  

– **डेटा संरक्षण बोर्ड (Data Protection Board of India)** इस तरह की शिकायतों की निगरानी करेगा।  

**5. डिजिटल विज्ञापन और ट्रैकिंग:**  

– न्यूज़ वेबसाइट्स को **यूजर्स का डेटा विज्ञापन के लिए उपयोग करने से पहले उनकी अनुमति लेनी होगी।**  

– कुकीज़ (Cookies) और ट्रैकिंग तकनीकों के उपयोग को लेकर नए नियम लागू किए जा सकते हैं।  

**6. सरकार द्वारा सेंसरशिप और डेटा नियंत्रण:**  

– सरकार को **राष्ट्रहित और कानून व्यवस्था के नाम पर** मीडिया के डेटा तक पहुँचने की छूट है।  

– सरकार किसी मीडिया प्लेटफॉर्म को **डेटा प्रदान करने या कंटेंट हटाने** का आदेश दे सकती है।  


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *